बदायूं में दुष्कर्म का आरोपी युवक मंगलवार को विषाक्त खाकर डीएम कार्यालय पहुंचा। उसने भाजपा नेता दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। वह डीएम कार्यालय में ही बेहोश हो गया तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मजिस्ट्रेट ने उसके बयान दर्ज किए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था से तंग आकर सोमवार को बिसौली का पूर्व सभासद टावर पर चढ़ गया था। ऐसे ही पुलिस से परेशान होकर मंगलवार को उघैती थाना क्षेत्र के गांव छिबऊकला का जितेश गुप्ता विषाक्त खाकर डीएम कार्यालय पहुंच गया। उसने बताया कि भाजपा नेता के रिश्तेदार ने उसके खिलाफ एक मुकदमा पूर्व में दर्ज कराया था, वह कोर्ट में चल रहा है। 10 सितंबर को उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पुलिस उसके घर पर दबिश दे रही है।
युवक ने बताया कि उसके परिवार के लोग लगातार पुलिस को निर्दोष होने के साक्ष्य दे रहे हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। जितेश के भाई अंकित ने बताया कि जिस किशोरी ने मुकदमा दर्ज कराया है, उसने पुलिस को दिए गए बयान इसका नाम ही नहीं है। फिर भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
बाहर से ही खाकर आया था विषाक्त
डीएम कार्यालय में डयूटी कर रहे कर्मियों ने बताया कि वह प्रार्थना पत्र लेकर अकेला ही आया था। उसके पास न तो पानी था और ही कोई अन्य वस्तु। वह बाहर से ही विषाक्त खाकर आया था। जितेश ने बताया कि भाजपा नेता के कहने पर पुलिस ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाया है।
पुलिस अब सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए विषाक्त खाकर डीएम से मिलने पहुंचा। वह डीएम कार्यालय में बैठे एसडीएम न्यायिक बिसौली कुमार चंद्र के सामने पहुंचा तो अपनी बात बताते-बताते बेहोश हो गया। इसके बाद कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने पुलिस के साथ उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
बोला, आज खत्म करूंगा केस
जितेश के भाई अंकित ने बताया कि घर से वह चला तो कहा था कि डीएम को शिकायती पत्र देकर आज ही केस खत्म करूंगा। उसको यह नहीं पता था कि भाई ऐसा कदम उठा सकता है।
जांच के बाद दर्ज हुआ केस
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि उघैती पुलिस ने तहरीर के बाद जांच कर मुकदमा दर्ज किया है। किशोरी ने कोर्ट में बयान दिया है और तो दुष्कर्म की बात कही है। पॉक्सो एक्ट के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजना पुलिस की प्राथमिकता है। 10 दिन में चार्जशीट भी लगानी होती है। अगर आरोपी युवक खुद को निर्दोष बता रहा है तो कोर्ट में अपना पक्ष रखे। इस मामले में पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है।
इंडियन टीवी न्यूज बदायूं जिला रिपोर्टर दीपेंद्र राजपूत