खबर रामदेवरा जैसलमेर
रिपोर्टर लक्ष्मणराम
ग्रामीणों व राहगीरों को भारी परेशानी
रामदेवरा (जैसलमेर)
चावरली नाडी से नाथ जी के टांका तक बनी ग्रेवल सड़क अब दो वर्षों से डामरीकरण की बाट जोह रही है। इस सड़क का उपयोग न केवल आसपास के ग्रामीण करते हैं, बल्कि यह राहगीरों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मार्ग है। मगर समय पर डामरीकरण नहीं होने से रास्ता अब खस्ताहाल हो गया है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग की डामरीकरण की स्वीकृति लगभग दो वर्ष पूर्व तत्कालीन पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी द्वारा करवाई गई थी। लोगों में तब काफी उम्मीद जगी थी कि जल्द ही यह मार्ग पक्की सड़क में तब्दील हो जाएगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
लेकिन अफसोस की बात है कि दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
बारिश के मौसम में यह रास्ता कीचड़ व गड्ढों से भर जाता है, जिससे दोपहिया व चौपहिया वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन या विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अब ये सवाल उठ रहे हैं:
स्वीकृति के दो वर्ष बाद भी निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ?
क्या बजट का अभाव है या फिर प्रशासनिक लापरवाही?
ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं को इस तरह नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि मीडिया के माध्यम से आवाज उठाने पर शासन-प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान देगा और जल्द ही इस महत्वपूर्ण मार्ग का डामरीकरण कार्य शुरू होगा।