रिपोर्टर: नरेन सिरवी जिला ब्यूरो
इंदौर का एमवाय अस्पताल… इलाज के नाम पर मौत का मंजर जहाँ मासूमों को ज़िंदगी मिलनी चाहिए थी, वहीं उन्हें मिली दर्दनाक मौत।नवजात शिशुओं के हाथ चूहों ने कुतरे… और इस खौफनाक लापरवाही ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है।इस घटना पर जनता का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है।जयस संगठन अस्पताल के बाहर मोर्चा खोले हुए है… और धरने का आज तीसरा दिन लगातार जारी है।संगठन साफ कह रहा है — जब तक कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।“रविवार शाम से शुरू हुआ धरना… अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।जयस संगठन का कहना है — यह दर्द सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है।धरने पर बैठे कई लोग रातभर अस्पताल परिसर में ही जमे रहे।बरामदों में सोए आंदोलनकारी सुबह फिर आवाज़ बुलंद करते नज़र आए।”हमारी मांग है कि डीन, अधीक्षक और जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए…और उन पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो।”जयस के इस आंदोलन को अब अन्य संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है।हर बीतते घंटे आंदोलन और बड़ा होता जा रहा है…लोगों का कहना है — अब खामोशी नहीं, जवाब चाहिए… और सख्त कार्रवाई चाहिए।”“इंदौर का एमवाय अस्पताल… जहाँ मासूमों की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।क्या जिम्मेदारों पर हत्या का केस दर्ज होगा?क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?फिलहाल आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं… और प्रदेश की जनता के मन में सिर्फ एक ही सवाल है — मासूमों की जान से खिलवाड़ का हिसाब कौन देगा?”