नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग।
वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल, विधायक ने गरीब आदिवासी का तोड़ा गया ‘अबुआ आवास’ फिर से बनवाने का दिया आदेश
हजारीबाग: डुमरी प्रखंड अंतर्गत जीतकुंडी पंचायत के ओदार गाँव में वन विभाग की एक कार्रवाई ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विभाग ने एक गरीब आदिवासी परिवार की लुपसी टुडू का बन रहा ‘अबुआ आवास’ यह कहकर तोड़ दिया कि वह वन भूमि पर बन रहा था। इस घटना के बाद, स्थानीय विधायक जयराम कुमार महतो ने मौके पर पहुँचकर न सिर्फ पीड़ित परिवार को सांत्वना दी, बल्कि अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने टूटे हुए आवास को तुरंत फिर से बनवाने का निर्देश भी दिया है।
डीएफओ को लगाई लताड़
घटना की सूचना मिलते ही विधायक जयराम कुमार महतो तुरंत ओदार गाँव पहुँचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और लुपसी टुडू के परिवार से मिलकर उनकी पीड़ा समझी। इसके बाद, उन्होंने डीएफओ और रेंजर सहित प्रखंड विकास पदाधिकारी को तुरंत फ़ोन लगाया। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “गरीब आदिवासी परिवार के साथ यह गलत व्यवहार और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप गरीबों के आवास निर्माण में बाधा न डालें।”
उन्होंने अधिकारियों को तत्काल टूटे हुए आवास की दीवारों को फिर से बनवाने का आदेश दिया। विधायक का कहना था कि वन विभाग को गरीबों को परेशान करने की जगह, उन माफियाओं और पूंजीपतियों पर कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने हजारों एकड़ वन भूमि पर कब्जा कर लिया है।
संविधान का हवाला और संघर्ष का संकल्प
जयराम कुमार महतो ने इस घटना को बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, “बाबा साहब का संविधान केवल गरीबों को प्रताड़ित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह समानता का अधिकार प्रदान करता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।
विधायक के इस हस्तक्षेप ने जहाँ एक ओर पीड़ित परिवार को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी योजनाओं का लाभ गरीब और वंचित परिवारों तक नहीं पहुँच पाएगा, और उनके जीवन में सुधार लाने की कोशिशों को धक्का लगेगा।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विधायक के इस सख्त रुख के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन आगे क्या कदम उठाते हैं।