शहजाद मलिक गांव के विकास के लिए युवाओं की पहली पसंद बने
नजीबाबाद। जैसे-जैसे ग्राम पंचायत चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, ग्रामीण अंचलों में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। हर गांव में संभावित उम्मीदवार तैयारी में जुटे हैं, लेकिन ग्राम कमालपुर खाईखेङी ग्राम पंचायत में पत्रकार एवं समाजसेवी शहजाद मलिक सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभर कर सामने आए हैं। ग्रामीणों में उनके नाम को लेकर उत्साह और चर्चा दोनों लगातार बढ़ रहे हैं।
पत्रकारिता से समाजसेवा तक का सफर
शहजाद मलिक ने लंबे समय तक स्थानीय और क्षेत्रीय समस्याओं को पत्रकारिता के माध्यम से उठाया। गांव की टूटी सड़कें हों, पेयजल संकट हो, युवाओं की बेरोज़गारी हो या महिलाओं की सुरक्षा – उन्होंने हर मुद्दे को निडरता से उजागर किया। उनकी यह छवि बनी कि वे “गांव के विकास और जनता की आवाज़” हैं।
गांव के लिए किए अहम काम युवाओं के कार्यों में लेते हैं बढ़-चढ़कर हिस्सा
ग्रामीण बताते हैं कि शहजाद मलिक ने पिछले वर्षों में कई ऐसे काम किए हैं जिनका सीधा फायदा गांव को मिला यदि वह ग्राम प्रधान बने तो *गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता करेंगे स्कूलों में पुस्तक व यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था करेगे युवाओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करायेंग पंचायत क्षेत्र में सफाई अभियान, नालियों की मरम्मत, पेयजल की नई लाइन का कार्य करायेंगे विधवाओं, वृद्धों व असहाय परिवारों को मदद करेगें।
युवाओं और महिलाओं की पहली पसंद
गांव के युवा बताते हैं कि शहजाद मलिक के नेतृत्व में उन्हें उम्मीद है कि रोजगार और कौशल विकास के लिए ठोस योजनाएँ आएँगी। महिलाओं के बीच भी उनकी अच्छी पकड़ है क्योंकि वे स्वच्छता, स्वास्थ्य व आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाते रहे हैं।
*गांव की महिलाओं का कहना है* –
“हमने देखा है कि शहजाद भाई हमारी समस्याओं को सुनते भी हैं और समाधान भी करवाते हैं। किसी पद पर ना होते हुए भी बहुत महिलाओं की पेंशन बनवा चुके हैं। अगर वो प्रधान बने तो गांव में और भी बदलाव आएगा।”
भविष्य की योजनाएँ और घोषणाएँ
अपनी संभावित प्राथमिकताओं में शहजाद मलिक ने कहा है कि –
गांव के हर मोहल्ले में सीसी रोड और नालियों का निर्माण/मरम्मत
युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र
किसानों के लिए आधुनिक कृषि उपकरण व जागरूकता शिविर
महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह व स्वरोजगार योजनाएँ
डिजिटल सुविधा केंद्र, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिले
हरित व स्वच्छ ग्राम अभियान के तहत वृक्षारोपण
राजनीतिक समीकरण भी अनुकूल
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पत्रकारिता और समाजसेवा का उनका अनुभव उन्हें प्रशासनिक और जनसंपर्क स्तर पर सक्षम बनाता है। यही कारण है कि उनकी उम्मीदवारी को लेकर गांव में माहौल बेहद उत्साहपूर्ण है। कई ग्रामीणों का कहना है कि “अगर इस बार शहजाद मलिक प्रधान बने तो गांव की तस्वीर और तक़दीर दोनों बदल जाएगी।”