सलेहा संकुल अन्तर्गत के विद्यालय में शिक्षकों मनमाने तरीके से पहुंच रहे और नियम विरुद्ध तरीके से विद्यालय संचालित कर रहे है इस कारण संकुल के विद्यालयों में छात्रों की संख्या नाम मात्र की बची है क्योंकि सलेहा संकुल के विद्यालयों का शिक्षा स्तर शिक्षकों की मनमानी से खराब हो गया है, बछरवारा में 47 बच्चों के नाम दर्ज है जबकी विद्यालय 10से 15 बच्चे ही पहुंच रहे हैं इस विद्यालय में कई बच्चों के ऐसे नाम दर्ज है जो सलेहा के प्राइवेट विद्यालय में पढ़ने जाते हैं और नाम बछरवारा के विद्यालय में दर्ज है जैसे अश्वनी द्विवेदी के बच्चे वेदांत पब्लिक सलेहा के विद्यालय में निरंतर पढ़ने जाते हैं इसी तरह विनय द्विवेदी अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं और उनके बच्चों के नाम बछरवारा विद्यालय में दर्ज है भुलगवा के विद्यालय में केवल सात बच्चों के नाम दर्ज है जिसमें चार बच्चे पढ़ने जाते हैं। बछरवारा विद्यालय के रैगूलर शिक्षक एवं अतिथि मनमाने तरीके से विद्यालय आते जाते है। और विद्यालय पहुंचकर मोबाइल चलाते हुए समय टाइम पास करके चले जाते हैं। उक्त विद्यालय के अतिथि शिक्षक भी मनमाने तरीके से आते जाते है उक्त विद्यालय का मदनमोहन शर्मा लक्ष्मीकांत द्विवेदी की निष्क्रियता शिक्षा स्तर के कारण रहे सहे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं हरीराम शर्मा कमीशन लेकर मनमाने तरीके से संकुल के विद्यालयों को संचालित करवा रहे हैं। प्राचार्य हरीराम शर्मा की सह से सलेहा विद्यालय में पदस्थ अतिथि शिक्षक बलराम गौतम अजय नामदेव दोपहर 2 बजे से तीन बजे तक प्राइवेट विद्यालय एआरएम में अंग्रेजी विषय पढ़ाते हैं इसी तरह सलेहा के अन्य विद्यालयों में शासकीय एवं अतिथि शिक्षक पढ़ाते हैं यह सब हरीराम शर्मा के कार्यकाल में नियमविरुद्ध गतिविधियां संचालित है हरीराम शर्मा ने अपने पुत्र पुनीत शर्मा को बगैर डीएड बीएड निमय विरुद्ध तरीके से जहां वह स्वयं पदस्थ हैं अतिथि शिक्षक में भर्ती किया है गत दो वर्षों से पुनीत शर्मा हाजरी भरने भर विद्यालय जाते हैं और अपने ही नाम से महाकाल ट्रेडर्स चला रहे हैं संकुल प्राचार्य के कार्यकाल में विद्यालय समय पर शिक्षक चायपान की दुकानों खेतों एवं निजी कार्यक्रमों में मिलते रहते हैं।
गंज के शासकीय कन्या विद्यालय की शौचालय विवास्थ इतनी खराब है की बच्चियां बाहर जाने को मजबूर हैं विद्यालय के कार्यालय में बरईयो के छत्ता लग गये है इस विद्यालय का। एक वर्ष से समर्शियल पंप खराब है आज तक सुधार नहीं करवाया गया है बालिकाओं को हैंडपंप में पानी पीने जाना पड़ता है।
कई विद्यालयों में बच्चे झाड़ू लगाते हैं। हरीराम शर्मा ने शासकीय विद्यालय के शिक्षा स्तर को सुधारने की बजाय और खराब कर दिया। है एक और सरकार शासकीय विद्यालय में नवाचार कर दाखिला बढ़ाने में लगी है और पुस्तकों से लेकर यूनिफॉर्म छात्रवृत्ति साइकिल वितरण कर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है पर आज हरीराम शर्मा जैसे प्राचार्य की वजह से विद्यालय का स्तर खराब हो गया है इसी का फायदा उठाकर आज प्राइवेट विद्यालय की संख्या दिन पे दिन बढ़ रही है क्योंकि आज शासकीय विद्यालय के शिक्षकों की मनमानी से परेशान होकर गांव के मजदूर किसान गरीब भी शासकीय विद्यालय में अपने बच्चों को नहीं पढ़ा रहे हैं क्योंकि शासकीय विद्यालय से लोगों का भरोसा समाप्त हो गया है लोगो का यही कहना है कि शासकीय विद्यालय में बच्चों का पढ़ाई से लेकर आचरण तक खराब हो रहा है क्योंकि शिक्षकों की बोलचाल की भाषा तक सही नहीं है और पढ़ाई के नाम पर मोबाइल पर टाइम पास करना मकसद हो गया है। समाज सेवी लोगों ने कहा है की सलेहा का शिक्षा स्तर सुधारने के उद्देश्य एवं लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के उद्देश्य से ज्ञापन दिया जायेगा प्रभारी प्राचार्य हरीराम शर्मा को तात्काल सलेहा के प्राचार्य पद से हटाया जाए विद्यालयों में मेंटेनेंस आई राशियों का भी गमन किया गया है जिसकी विधिवत जांच की जाय। हरीराम शर्मा द्वारा जाति भेदभाव कर हरिजन दलितो के विषय में अभद्र टिप्पणी करने की भी बात समाने आई है।