दुद्धी (सोनभद्र)। दुद्धी को जिला बनाने की पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। दुद्धी बार एसोसिएशन व सिविल बार एसोसिएशन दुद्धी द्वारा संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन शनिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
इससे पहले अधिवक्ता पदाधिकारियों ने दोपहर करीब 1:00 बजे कचहरी गेट पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में तहसील परिसर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि दुद्धी तहसील जनपद मुख्यालय सोनभद्र से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित है। यह क्षेत्र राज्य का सबसे बड़ा आदिवासी बाहुल्य, पिछड़ा, उद्योग बाहुल्य तथा नक्सल प्रभावित इलाका है।दुद्धी दूरदराज होने के कारण शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रहा है। विकास की इस विषम परिस्थिति में लंबे समय से दुद्धी को जिला घोषित करने की मांग उठती रही है।
संघटनाओं ने बताया कि करीब तीन दशक से ‘दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा’ के माध्यम से आम जनता इस मांग को निरंतर उठा रही है। विगत चुनावों के दौरान सत्तारूढ़ दल के कई केंद्रीय मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों ने इस मांग को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था। स्थानीय प्रशासन द्वारा भी दुद्धी को जिला बनाए जाने के संबंध में सकारात्मक रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनसंख्या, क्षेत्रफल, भौगोलिक स्थिति, तथा प्रशासनिक दृष्टि से दुद्धी जिला बनाए जाने के सभी मानकों को पूरा करता है। अतः शासन से जनहित में शीघ्र कार्यवाही कर दुद्धी को स्वतंत्र जिला घोषित करने की मांग की गई है।
इस मौके पर दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चन्द्र यादव,सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा,रामपाल जौहरी,आनंद कुमार,आशीष गुप्ता,रामजी पांडे, रेडुवंती सिंह,सत्यनारायण गुप्ता ,राकेश गुप्ता,दिनेश प्रसाद सहित काफी संख्या में संघर्ष समिति के लोग उपस्थित रहे ।
सोनभद्र, तहसील रिपोर्टर दुद्धी, विवेक सिंह