राम नहीं बन सकते तो जटायु तो बना सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
नन्दगोपाल पाण्डेय ब्यूरोचीफ सोनभद्र
राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि सुप्रीम कोर्ट बीच में नहीं होता तो आज मेरे देश में 70से80 प्रतिशत की राजनीत चल रही होती अगर आप इनसे निकले हुए नेताओं को देखेंगे चंद्रशेखर रावण उनकी बाते सुनिए विदेशों में जाते हैं महंगी महंगी गाड़ियों में घूमते हैं,ग्राउंड पर देखेंगे तो दलित का बहुत ही बुरा हाल है मूल भूत सुविधाओं से भी वंचित है उनको आरक्षण का मतलब ही नहीं मालूम , सुप्रीम कोर्ट ने कृमि लेयर की बात कही उसको लागू नहीं होने दिए ,जन सत्ता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ने स्पष्ट साफ शब्दों में कहा कि सांसद,विधाक और अपसर के औलादों को आरक्षण के दायरों से बाहर किया जाय उनका तर्क है कि आरक्षण का मकसद समाज के सबसे निचले पावदान पर खड़े व्यक्ति की जिंदगी बदलना है न कि उन परिवारों को और तागतवर बनाना है जो पहले से ही सत्ता और सुविधा का स्वाद चख चुके हैं एक बार कोई संसद विधायक आई ए एस बन जाता है तो उनके बच्चों की ज़िंदगी अपने आप बेहतर एव सुरक्षित हो जाती है,आज मध्य प्रदेश में आरक्षण पिछड़ी जातियों को 14 प्रतिशत की जगह 27 प्रतिशत किए जाने के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट ने याचिका लंबित है जबकि उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश ने 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत किए जाने के आदेश को स्थगित कर दिया गया,सामान्य वर्ग के लोगों को बीजेपी सरकार से बहुत ही उम्मीद थी पर ये भी अन्य दलों की ही तरह सवर्ण विरोधी विचार रखती हैं,सामान्य वर्ग के लोग जो इनके पक्ष में लिख रहे हैं उनसे कहना चाहूंगा कि जिस दिन एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होगा यही नेता फोन नहीं उठाएंगे अपने समाज के लिए जो संगठन काम कर रहे हैं उनका साथ दे राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने आगे कहा कि राम नहीं बन सकते तो जटायु तो बनो , जटायु जानते थे कि रावण से जीत नहीं सकते मारे जायेगे लेकिन आने वाली पीढ़ी को क्या जवाब देगे कि स्त्री का अपहरण हुआ मै चुप था