चंद्रपूर (महाराष्ट)
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही में गोंदिया–बल्लारशाह रेलमार्ग पर एक बार फिर वन्यजीव की दर्दनाक मौत की घटना सामने आई है। रविवार 13 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के कारगाट इलाके में ट्रेन की टक्कर से एक नर बाघ (टी-40) की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना वनक्षेत्र क्रमांक 1338/741 में घटी। मृत बाघ लगभग 14 वर्ष का था और उसे “बिट्टू” नाम से जाना जाता था।मिली जानकारी के अनुसार, गोंदिया से बल्लारशाह की ओर जा रही ट्रेन की चपेट में आने से बाघ की मौत हुई। टी-40 “बिट्टू” प्रसिद्ध नर बाघ “जय” का शावक था। अपनी आकर्षक और मजबूत कदकाठी के कारण “बिट्टू” पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। अनेक पर्यटक सिर्फ उसकी झलक पाने के लिए घंटों जंगल में इंतजार करते थे। घटना की जानकारी मिलते ही सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र अधिकारी अंजली सायंकार के मार्गदर्शन में वनविभाग की टीम मौके पर पहुँची। पशुचिकित्सक डॉ. सुरपाम ने पंचनामा कर बाघ की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए टीटीसी चंद्रपुर भेजा। इस दौरान उपवनसंरक्षक डॉ. कुमार स्वामी, सहायक वनसंरक्षक महेश गायकवाड, वन्यजीव रक्षक बंडू धोत्रे, स्वॉब संस्था के अध्यक्ष यश कायरकर, तथा एनटीसीए सदस्य मुकेश भांदककर उपस्थित थे। गौरतलब है कि हर साल गोंदिया–बल्लारशाह रेलमार्ग पर बाघ, हिरण, सांभर, भालू जैसे अनेक वन्यजीव रेल हादसों में मारे जाते हैं। इसके चलते यह रेलमार्ग वन्यजीवों के लिए “मौत का जंजाल” बनता जा रहा है, ऐसी चिंता पर्यावरणप्रेमी व्यक्त कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में पशुओं की आवाजाही के लिए सुरक्षित अंडरपास या ओवरब्रिज की तत्काल आवश्यकता है। यदि उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में भी इस तरह की दुखद घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।
राहुल गायकवाड
जिल्हा प्रतिनिधी चंद्रपूर महाराष्ट्र