स्वदेशी और स्वावलंबन को जन-जन को आंदोलन बनाना है: रघुवर दास
हजारीबाग संवाददाता । “आत्मनिर्भर भारत अभियान” विषय पर हजारीबाग विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन बुधवार को विधायक प्रदीप प्रसाद के विधायक सेवा कार्यालय में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, विशिष्ट अतिथि के रूप में हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद और प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजुर उपस्थित रहीं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने माननीय अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र भेंट कर किया। विधायक प्रदीप प्रसाद ने रघुवर दास को अंग वस्त्र व गद्दा भेंट कर सम्मानित किया। विषय प्रवेश प्रदेश कार्य समिति सदस्य हरीश श्रीवास्तव द्वारा कराया गया।
स्वदेशी को अपनाएं, भारत को सोने की चिड़िया बनाएं: रघुवर दास
मुख्य अतिथि रघुवर दास ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को फिर से ‘सोने की चिड़िया’ बनाने के लिए स्वदेशी को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देने, आयात कम करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रमुख खिलाड़ी बनने के लिए स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करना होगा।दास ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मुख्य उद्देश्य भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जिसके तहत स्थानीय उद्योगों, डिजिटल नवाचारों और उद्यमिता को बढ़ावा देकर एक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनने का प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत राष्ट्रीय विकास का मूल मंत्र स्वावलंबी भारत, सबका साथ सबका विकास और खुद पर भरोसा करना है।”
उन्होंने आगे कहा कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने की थी, जिन्होंने ग्रामीण, कुटीर उद्योगों से गांव को विकसित करने का विचार दिया था। “गांव को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने पर ही देश आत्मनिर्भर हो सकता है।” उन्होंने पंडित उपाध्याय की युक्ति को दोहराते हुए कहा, “मशीन के प्रभुत्व के साथ-साथ मानवीय कौशल का विकास करना ही आत्मनिर्भर भारत का सही मूल मंत्र होगा।” उन्होंने दीपावली पर मिट्टी के दीए खरीदने का आह्वान किया, ताकि अपने घरों के साथ-साथ कुम्हारों के घरों में भी रोशनी हो सके। उन्होंने कहा कि जिस देश पर लगभग 200 वर्षों तक शासन था, आज उसे पछाड़कर भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है।
हर नागरिक अपनाए ‘मेड इन इंडिया’ का संकल्प: प्रदीप प्रसाद
विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प आज एक सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणास्रोत बन गया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हर नागरिक आत्मनिर्भर बने, हर गाँव आत्मनिर्भर बने और हर घर ‘मेड इन इंडिया’ के संकल्प को अपनाए।
उन्होंने लोगों से इस दीपावली और छठ पर्व पर स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने, स्थानीय उत्पाद खरीदने और अपने आसपास के छोटे व्यवसायों को सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा व कौशल विकास को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।
अन्य वक्ताओं के विचार
विवेकानंद सिंह (जिला अध्यक्ष): मशीन के प्रभुत्व के साथ-साथ मानवीय कौशल का विकास करना ही आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य है।
आरती कुजूर (प्रदेश उपाध्यक्ष): हमारे देश की खून-पसीने की महक जिन-जिन वस्तुओं में है, उसे हम अपनाएंगे।
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला महामंत्री सुनील मेहता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला मंत्री व कार्यक्रम के जिला संयोजक जय नारायण प्रसाद द्वारा किया गया।
सम्मेलन में मुख्य रूप से प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुदेश चंद्रवंशी, केपी ओझा, गणेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, अंजलि लकड़ा सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सम्मेलन के उपरांत पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जी ने प्रेस को भी संबोधित किया।