उरई(जालौन):
आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया छठ पर्व:
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी मन्नत:
रामकुंड पर उमड़ा आस्था का सागर, छठ व्रतियों ने परिवार की खुशहाली की की कामना। कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर सोमवार को छठ महापर्व के तीसरे दिन अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए रामकुंड तालाब पर आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा। बिहार व पूर्वांचल की परंपरा से जुड़े इस पर्व को श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह, विधि-विधान और शुद्धता के साथ मनाया। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर सूर्यदेव और छठी मइया से परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। सुबह से ही घरों में छठ की तैयारियां चलती रहीं। पूजा के प्रसाद जैसे ठेकुआ, खरना का खीर-पूड़ी, मौसमी फल, गन्ना, नारियल आदि की खरीदारी बाजारों में खूब हुई। कच्चे चूल्हे पर आम की लकड़ियों से प्रसाद तैयार किया गया। दोपहर बाद व्रती महिलाएं व परिवारजन ‘डाला’ सिर पर रखकर सामूहिक रूप से घाट की ओर रवाना हुए। रामकुंड तालाब पहुंचे व्रतियों ने जल में खड़े होकर सूर्यास्त का इंतजार किया। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक छठ गीत गाती रहीं, वहीं बच्चे आतिशबाजी कर उत्साह बढ़ाते रहे। जैसे ही सूर्य पश्चिम दिशा में ढलने लगा, सूपों में सजे प्रसाद के साथ श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देकर सूर्यदेव का आभार जताया।एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी और मंगलवार सुबह उदयमान सूर्य को फिर अर्घ्य देने का संकल्प लिया। छठ पूजा समिति के अध्यक्ष संजय साहनी ने कहा कि यह पर्व लोक आस्था का अनूठा उत्सव है, जिसमें सूर्य और प्रकृति की उपासना की जाती है। यह पूजन न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है बल्कि स्वास्थ्य लाभ से भी जुड़ा है। समिति के उपाध्यक्ष के.एम. तिवारी ने कहा कि छठ पूजा सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इसमें जाति, वर्ग, भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। हर वर्ग के लोग मिलजुलकर शामिल होते हैं। महामंत्री अजय सिंह सहारा ने बताया कि इस पर्व में डूबते और उगते दोनों सूर्य की पूजा का संदेश दुनिया को भारतीय आध्यात्मिकता का परिचय कराता है। महामंत्री धनंजय महाराज ने कहा कि सूर्य पंचदेवों में एक हैं, उनकी उपासना से जीवन में ऊर्जा और अन्न-धन की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर सुमन साहनी, संजीव साहनी, खुशहाल साहनी, अमन साहनी, अंकित तिवारी, दीनानाथ तिवारी, मनोरमा तिवारी, तारकेश्वर त्रिपाठी, सुधा झा, हर्षिता, डिंपल, नेत्र प्रकाश उपाध्याय, संतोष गुप्ता, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश