दुद्धी सोनभद्र।स्थानीय नगर पंचायत के बहुउद्देश्यीय हाल में गुरुवार को आयोजित किसान महासम्मेलन में किसानों, मजदूरों, आदिवासियों व सामाजिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए। सम्मेलन की शुरुआत भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़कर की गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण क्षेत्र के लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। किसानों की पुस्तैनी जमीनों पर वन विभाग द्वारा कब्जा जमाए रखने और उसे न छोड़ने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रसाद गुप्त ने कहा कि वनाधिकार कानून वर्ष 2006 में बना था ताकि दलितों, आदिवासियों और परंपरागत निवासियों को जंगल-जमीन पर अधिकार मिल सके, लेकिन दुद्धी क्षेत्र के मूल निवासियों को अब तक उनका हक नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि दुद्धी के युवाओं को स्थानीय औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार मिलना चाहिए, बाहर के लोगों को नौकरी देना बंद हो। साथ ही कनहर परियोजना के अंतर्गत किसानों को तुरंत सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में भी दुद्धी के किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों और बेरोजगारों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने वनाधिकार कानून के तहत धारा 20 के अंतर्गत पुस्तैनी जमीनों पर आधे-अधूरे पट्टे मिलने पर असंतोष व्यक्त किया। साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंस और को-ऑपरेटिव कंपनियों द्वारा जनता की जमा पूंजी लेकर फरार होने के मामलों में तत्काल न्याय की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय सहारा, एलयूसीसी, सीएमबी, कैमुना को-ऑपरेटिव सोसाइटी, वेलफेयर एचबीएन, पल्स, कलकत्ता वेयरहाउस, युवा स्वरोजगार वित्तीय सहायता केंद्र समेत दर्जनों कंपनियों ने दुद्धी समेत पूरे क्षेत्र के लोगों की करोड़ों की जमा पूंजी डुबो दी है।
महासम्मेलन में किसानों-आदिवासियों एवं क्षेत्रवासियों की सात प्रमुख मांगें रखी गईं जिनमें धारा 20 के तहत सभी आदिवासियों व परंपरागत निवासियों को पुस्तैनी काबिज जमीनों का पूर्ण पट्टा दिया जाए,दुद्धी को तत्काल आदिवासी जिला घोषित किया जाए,को-ऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट-2002 के तहत कंपनियों द्वारा लूटी गई जनता की धनराशि का त्वरित भुगतान सरकार सुनिश्चित करे,दुद्धी के सभी निवासियों को निःशुल्क बिजली सुविधा दी जाए, क्षेत्र के सभी किसानों का 10 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाए, कनहर बांध विस्थापित परिवारों को नौकरी और पूरा मुआवजा दिया जाए,स्थानीय युवाओं को औद्योगिक और अन्य संस्थानों में 60 प्रतिशत रोजगार की गारंटी दी जाए।
इस अवसर पर प्रभु सिंह, बी.के. पांडेय, सी.के. सिंह, दरोगा लाल, देवकुमार विश्वकर्मा, बिगन राम, इंद्रदेव खरवार, उदयलाल मौर्य, राकेश सिंह, शंभूनाथ कौशिक, हरिनाथ, डी.एन. सिंह, गंभीरा प्रसाद, श्यामकुमार गौतम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता रामायण गोंड ने की और संचालन शंभूनाथ कौशिक ने किया।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने क्षेत्रीय और सरकारी अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर मांगों की पूर्ति की अपील की।
सोनभद्र, तहसील रिपोर्टर दुद्धी, विवेक सिंह