बिहार राज्य में प्रत्याशी सवर्ण की बात नहीं कर रहे हैं सवर्ण नोटा पर वोट करेंगे सूरज प्रसाद चौबे
नन्दगोपाल पाण्डेय ब्यूरोचीफ सोनभद्र
राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे तीन नवंबर को मध्यप्रदेश उच्चन्यालय बार के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा से ग्वालियर में जा कर उनका अंगवस्त, माल्यार्पण कर सम्मानित किया,सम्मान समारोह में राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी प्रमुख गोपाल जी पांडेय, राष्ट्रीय महासचिव सुमित मिश्रा,जिला झांसी संयोजक मयंक दीक्षित रहे, एड अनिल मिश्रा ने राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के पदाधिकारियों के प्रति आभार धन्यवाद देते हुए कहा कि बेशक बाबा साहब अम्बेडकर महापुरुष है जिनका सम्मान करते हैं पर वे भारतीय संविधान नहीं लिखा है भारतीय संविधान रचयिता सर वि एन राऊ है। भारत का संविधान एक महान वृक्ष है,तो बीज,मिट्टी खाद और पानी सर वि एन राऊ ने दिया था तब कही जाकर संविधान रूपी महान वृक्ष फल फूल रहा है ,भारत के संविधान निर्माण की ऐतिहासिक प्रकिया में एक ऐसा नाम है जिसे लंबे समय तक योजनाबद्ध रूप से अनदेखा किया गया। एड अनिल मिश्रा ने कहा है कि सवर्ण समाज को अब एससीएसटी एक्ट से डरने की जरूरत नहीं है जिस व्यक्ति के ऊपर लगता है वह संपर्क करे मै निःशुल्क मदत करुंगा देश में नब्बे प्रतिशत केस फर्जी पाए गए हैं अम्बेडकर के बारे में जो भी मेरे द्वारा कहा गया उस पर आज भी कायम हूं चार लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं एससीएसटी एक्ट की समाप्ति, जातिगत आरक्षण की समाप्ति,सनातन धर्म की स्थापना, सर वि एन राऊ की स्थापना,इस मुहिम को आगे बढ़ाने हेतु सभी सनातनी भाई से निवेदन किया
राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि बिहार राज्य में चुनाव चल रहा है सवर्ण समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो राजनीति दल के नेता सवर्ण की बात करेगा उसे ही अपना वोट,समर्थन करे नहीं तो अपना वोट नोटा पर करें कोई भी राजनैतिक दल का प्रत्याशी आप के पास वोट मांगने आए तो उससे सवाल करे कि एससीएसटी एक्ट जातिगत आरक्षण राष्ट्रीय सवर्ण आयोग की स्थापना के लिए आप क्या प्रयास करेंगे इसको समाप्त करने हेतु संकल्पित है या नहीं अगर वह आप के मुद्दों पर बात करते हैं तो आप उनका सहयोग करे नहीं तो नोटा पर वोट करे,समाज को जागना पड़ेगा तभी तो आप का सम्मान आने वाली पीढ़ी बचेगी सवर्ण समाज को समाप्त करने हेतु योजनाबद्ध रूप से काम ये राजनीतिक दल दल से जुड़े नेता कर रहे हैं ये केवल सवर्ण का उपयोग कर रहे हैं,हमे उपयोग नहीं होना है मेरे पास विकल्प है जिसका नाम नोटा है मै सवर्ण समाज से अपील करता हूं कि अपना वोट नोटा पर दे