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जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र अंतर्गत ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला में बुखार से 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई।

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इंडिया टीवी वीरों के राजेश मौर्य कुशीनगर

जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र अंतर्गत ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला में बुखार से 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। गांव में करीब 15 बच्चे अभी भी बुखार से पीड़ित हैं।

 

इंसेफेलाइटिस की जांच के लिए ब्लड सैंपल भेजा गया है।

 

बताया जा रहा है कि नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला निवासी पिंटू गोंड की दो पुत्रियों खुशी (3) और मंजू (7) को चार दिन पहले बुखार होने पर परिजनों ने झोलाछाप को दिखाया था। सुधार न होने पर बुधवार को खुशी को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मंजू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेबुआ नौरंगिया ले जाया गया था, जहां से पहले जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज और फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया।

 

एक घर में तीन बच्चों की मौत के बाद गांव में मातम,दौड़ा स्वास्थ्य विभाग

 

स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी सक्रिय हुए, लेकिन तब, जब नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला में 24 घंटे के भीतर तीन बच्चों की मौत हो गई। गांव के लोगों ने कहा कि न तो सफाईकर्मी आता है और न ही आशा। सफाई न होने से गांव के लोगों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन बच्चों की मौत से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

इस गांव में पिंटू गोंड की दो बेटियां खुशी और मंजू तथा और भाई दशरथ के बेटे क्रिश की बुखार से मौत हो गई। 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार में तीन बच्चों की मौत के बारे में जो भी सुन रहा है, शोक जता रहा है। शुक्रवार को सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया की स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची और कैंप लगाकर 70 घरों में खून के सैंपल लेकर मलेरिया, टायफाइड, डेंगू आदि बीमारियों की जांच की गई तो 15 बच्चे बुखार से पीड़ित मिले। स्वास्थ्य टीम ने सभी को दवाइयां दीं और बीमारियों से बचाव के लिए सुझाव दिए। इसके अलावा एंटी लार्वा और मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया गया।

 

बताया जा रह है कि दोनों परिवारों में साधारण हैंडपंप लगा है। इनके घर जल निगम की टोटी का कनेक्शन नहीं है। घटना के बाद से मृतक बच्चों के परिवारवाले सदमे में हैं। कृष की मां प्रियंका, दादी शकुंतला, दादा रामाशीष, बड़े दादा गणेश, दूसरे घर की मंजू और खुशी की मां निशा, लड्डू, पट्टीदारी के महेश, बन्नू, अमरनाथ, जुगूंती, हरिलाल, रामाज्ञा, सूरज और मुकेश आदि बिलग बिलखकर रो रहे हैं। हेल्थ कैंप में डॉ. आफताब, मुस्ताक, राजकुमार आदि मौजूद रहे।

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