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थाने की पुलिस ने नकली उर्वरक व कीटनाशक के कारखाने का भंडाफोड़ किया है

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इंडिया टीवी राजेश मौर्य कुशीनगर सेवरही।

थाने की पुलिस ने नकली उर्वरक व कीटनाशक के कारखाने का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में जिंक सल्फेट सहित कई रासायनिक पदार्थ, मिक्सर मशीन, खाली बोतलें, पैकिंग सामग्री आदि मिला है।

 

एक धंधेबाज व श्रमिक भी पकड़े गए हैं। मामले में मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

सेवरही नगर के आंबेडकरनगर में बीते कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधि देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। लाेगों की सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस पिछले पांच दिनों से संबंधित स्थान व आसपास के क्षेत्रों पर नजर रख रही थी। गुरुवार दोपहर को बंद मकान का ताला खोल एक युवक अंदर गया तो कुछ दूरी पर मौजूद पुलिस भी पीछे से पहुंची। अंदर का दृश्य देख पुलिसकर्मी चौंक गए।

 

एक व्यक्ति उर्वरक की बोरियों की पैकिंग कर रहा था। पुलिस देख दोनों पीछे के रास्ते भागे। दौड़ाकर पुलिसकर्मियों ने दोनों को दबोच लिया। छानबीन में बड़ी मात्रा में नकली उर्वरक, जिंक सल्फेट के पैकेट, पिपरौनील ब्यूटाक्साइड, फोरेट की तैयार बोतलें, केन, नकली लेबल, पैकिंग सामग्री, रासायनिक पाउडर व मिक्सिंग मशीन बरामद हुई। नमक व गेरु से तैयार किया गया पोटाश भी मिला।

 

पूछताछ में पकड़े गए धंधेबाज की पहचान अजय कुमार गुप्त निवासी राजपुर बगहा थाना व जिला बगहा बिहार के रूप में हुई। वहीं श्रमिक सेवरही कस्बे का ही रहने वाला है। कुछ ही समय में सीओ राकेश प्रताप सिंह पहुंच गए। बरामद सामग्री की जांच व सैंपलिंग के लिए जिला विपणन अधिकारी व कृषि विभाग की टीम को बुलाया गया।

 

जिला कृषि अधिकारी डाॅ. मेनका व उप जिला विपणन अधिकारी डाॅ. संदीप यादव ने पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। नमूने संग्रह कर लैब भेजे गए। संबंधित मकान को पुलिस ने सील क दिया कुछ लड़के जनपद देवरिया के भी हैं कुछ लड़के कुशीनगर के भी हैं इसमें बहुत बड़ा रैकेट है बहुत जल्द और भी नाम उजागर होगा

 

थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम, कीटनाशक अधिनियम, कापीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पूछताछ में कुछ अन्य नाम भी प्रकाश में आया है, शीघ्र ही संलिप्त लोगों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

 

अजय ने छह माह पूर्व किराए पर ली थी मकान

पुलिस की छानबीन में पता चला कि अजय ने छह माह पूर्व ही मकान को किराए पर लिया था। मकान मालिक ने बताया कि रोजगार शुरू करने के नाम पर उसने मकान मांगी थी। इसकी आड़ में वह गैर कानूनी कार्य कर रहा इसकी जानकारी नहीं थी।

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