नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में घोर लापरवाही से मौत, ग़रीब परिवार बेसहारा
डॉक्टर-नर्स नदारद रहे, पीड़ित परिवार लगाता रहा गुहार- समाजसेवी ने स्वास्थ्य मंत्री से की बात
हजारीबाग: शहर के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) में एक बार फिर स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही के कारण एक मरीज़ की दुखद मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि इमरजेंसी और संबंधित वार्ड में डॉक्टर, नर्स और वार्ड बॉय नदारद रहे, जिसके कारण समय पर इलाज न मिलने से मरीज़ ने दम तोड़ दिया।
लापरवाही की इंतहा: पीड़ित परिवार ने मार्मिक लहजे में बताया कि वे लगातार गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई नहीं आया। शुरुआती वार्ड से मरीज़ को दूसरे वार्ड के बेड पर भेज दिया गया, लेकिन वहां भी देखने कोई नहीं पहुंचा।
ईसीजी में देरी: सबसे गंभीर आरोप यह है कि मरीज़ को बचाने के लिए आवश्यक ईसीजी (ECG) भी नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि दुखद रूप से, मरीज़ की मृत्यु होने के बाद ईसीजी किया गया, जो अस्पताल की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
मौत का कारण अज्ञात: अभी तक परिवार को यह भी नहीं पता चल पाया है कि मरीज़ की आखिरी मृत्यु किस कारण से हुई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक ही परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। इस अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया है और वे आर्थिक तंगी के गंभीर दौर से गुज़र रहे हैं।
समाजसेवी अभिषेक कुमार ने संभाला मोर्चा: मामले की जानकारी मिलते ही समाजसेवी अभिषेक कुमार तुरंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने मौके से ही स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी को फोन लगाया और उन्हें अस्पताल की पूरी लापरवाही से अवगत कराया।
स्वास्थ्य मंत्री का आश्वासन: अभिषेक कुमार के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए सिविल सर्जन से तुरंत बात करने और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नौकरी का वादा: परिवार की दयनीय आर्थिक हालत को देखते हुए, अभिषेक कुमार ने उन्हें सांत्वना दी और सदर अस्पताल में एक प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से नौकरी लगवाने का वादा किया। उन्होंने सिविल सर्जन से भी इसके लिए अनुरोध कराने की कोशिश करने की बात कही है।
आंदोलन की चेतावनी: अभिषेक कुमार ने अस्पताल प्रशासन और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वे इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर केस दर्ज कराएंगे और कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन में उतरेंगे।
“अब बर्दाश्त से ऊपर हो चुका है। इस तरह गरीब जनता को मरने नहीं दिया जाएगा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने पीड़ित परिवार को अपना निजी नंबर भी दिया और किसी भी दिक्कत पर तुरंत कॉल करने को कहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें तत्काल मदद मिलती रहे।
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