कलेक्टर ने किया देवश्री डेयरी उद्योग का निरीक्षण!
महिला समूहों ने एकजुट होकर खड़ी की मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां!
कलेक्टर संदीप जी आर ने अपने केसली दौरे के दौरान केसली स्थित देवश्री डेयरी उद्योग का निरीक्षण एवं वहां पर हो रहे पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन का अवलोकन किया। देवश्री दुग्ध उत्पादन में लगे स्व सहायता समूह के सदस्यों ने बताया कि जिले में दूध का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। सागर में डेयरी उद्योग पिछले दस वर्षों से तेजी से फल-फूल रहा है। पिछले वर्षों में दूध के दामों में भले ही इजाफा हुआ है लेकिन मांग कम नहीं हुई है। अब महिला स्व सहायता समूह भी डेयरी उद्योग के लिए आगे आए है। बाजार, घरों में गाय और भैंस का दूध व्यापारी सप्लाई करते हैं और अन्य कंपनियों के पैकेट वाले दूध की भी मांग बढ़ी है। रोजाना औसतन एक लाख लीटर से ज्यादा दूध की खपत हो रही है। 30 रुपए लीटर में बिकने वाला अच्छा दूध अब 50 रुपए लीटर बिक रहा है। हर साल लगभग 2 से 3 रुपए दूध के दाम बढ़ रहे हैं। पशुओं को खिलाने वाले उत्पाद महंगे हो गए हैं। साथ ही चारा और भूसा भी आसानी से नहीं मिलता। पशु आहार के दाम अधिक होने के कारण दूध के दाम बढ़ रहे हैं। पैकेट वाले दूध का इस्तेमाल भी अब घरों में बढ़ा है। शहर में लगभग 100 बड़ी डेयरी जहां से दूध बेचा जाता है। उन्होंने बताया कि लोग दूध से बनने वाले देशी आइटम जैसे रबड़ी, आइसक्रीम, दूध का हलवा और लस्सी को पसंद कर रहे हैं। गर्मियों में इनकी मांग अधिक बढ़ जाती है।
7 स्व-सहायता समूह मिलकर कर रहे हैं काम
केसली विकासखण्ड के ग्राम सोनपुर में लगभग 150 अनुसूचित जनजातीय परिवार देवश्री फामर्स प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़कर दुग्ध उत्पादन के कार्य में जुट गये। इस ग्राम में 7 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिनमें सोनम, कविता, गोपाल-कृष्ण समूह सरस्वती समूह, सीताराम समूह, लक्ष्मी समूह से लगभग 70 परिवारों की महिलाओं का जुड़ाव है। महिलायें. बताती हैं कि दूध डेयरी से जुड़ने के पहले वे परम्परागत तरीके से धान और मौसमी फसलों के उत्पादन का कार्य करती थीं।
कोरोना संकट के समय शुरू किया ब्रांड
कोरोना संकट दुनिया के लिए परेशानी की वजह रहा। इस दौर में भी कुछ लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखी। बात सागर जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड केसली के उन महिलाओं की है, जिन्होंने अपना दुग्ध ब्रांड शुरू किया था। यह ब्रांड कोरोना काल में स्थापित हुआ और दूसरों के लिए उदाहरण बना है। कोरोना संक्रमण शुरू होने से ठीक पहले सागर और जबलपुर की डेयरी ने दूध लेने से इन्कार किया, तो आदिवासी युवकों और महिलाओं ने देवश्री नाम से अपना ही ब्रांड शुरू कर दिया। बाजार में यह ब्रांड इतना पसंद आया कि जल्द ही खपत चार हजार से बढ़कर ग्यारह हजार लीटर से ज्यादा हो गई।
CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Home Department of Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar