सोशल मीडिया के आईने में एक बार फिर राजनीति का बदरंग चेहरा उजागर हुआ है
समाजवादी पार्टी की युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक शाक्य—
नाम बड़ा, पद ऊंचा,
और अब… तस्वीरें और ऑडियो ऐसे,
जिन्हें देखकर सवाल नहीं,मन में तूफान उभरता है।
पूर्व लोकसभा सपा प्रत्याशी फर्रुखाबाद डॉ. नवल किशोर शाक्य के छोटे भाई,
जो खुद को प्रधान प्रतिनिधि और युवाओं का नेता कहते हैं,
आज उन्हीं सोशल मीडिया गलियारों में
आपत्तिजनक फोटो और ऑडियो के साथ बेनकाब खड़े हैं।
अलीगंज से लेकर कायमगंज तक
चाय की दुकानों, चौपालों और गलियों में
एक ही सवाल गूंज रहा है—
“क्या यही हैं समाज बदलने वाले?”
जिस पार्टी की राजनीति
महिलाओं, शोषितों और वंचितों के नाम पर खड़ी की जाती है,
उसी पार्टी का एक जिम्मेदार चेहरा अगर महिलाओं के साथ
घिनौनी भाषा और अश्लील व्यवहार में पकड़ा जाए, तो इसे गलती कहें या चरित्र?
वायरल ऑडियो में
पीड़ित महिला की पीड़ा है,
और युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष की अश्लील गालियां—
जो बताती हैं कि सत्ता आने से पहले का नशा जब सिर चढ़कर बोलता है तो इंसान, इंसान नहीं रहता।
और सवाल सिर्फ छोटे भाई पर नहीं है—
सवाल बड़े भाई सपा नेता पर भी है। जो मंचों से न्याय, सम्मान और नारी गरिमा की बातें करते हैं,
उनके ही नाम से जुड़ा ऑडियो अगर सोशल मीडिया पर तैर रहा हो
तो क्या यह चुप्पी संयोग है
या मिलीभगत?
अब नजरें टिकी हैं
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर—
क्या पार्टी ऐसे चेहरों को ढाल बनाकर रखेगी? या फिर कहेगी साफ़ शब्दों में—
दरिंदों की राजनीति में कोई जगह नहीं।
अगर दोनों भाई
इस कृत्य में शामिल पाए जाते हैं,
तो जवाब सिर्फ पार्टी को नहीं,
जनता को देना होगा। क्योंकि यह सिर्फ एक वायरल ऑडियो नहीं—
यह राजनीति के उस चेहरे का एक्स-रे है जहां भाषणों में आदर्श
और हकीकत में हवस पलती है।
अब फैसला जनता के हाथ में है—
ऐसे नेताओं को स्वीकार करना है
या सियासत से सदा के लिए बाहर का रास्ता दिखाना है।
एटा -वायरल ऑडियो की हम पुष्टि नहीं करते हैं।
रिपोर्ट:विजय कुमार इंडियन टीवी न्यूज एटा