रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा, और न ही कोई कर्मचारी। पूरी नगर पालिका में सन्नाटा पसरा रहा और लगभग सभी कार्यालयों पर ताले लटके हुए नजर आए।
इस हैरान करने वाली स्थिति को पार्षद हरीशरण तिवारी ने वीडियो बनाकर उजागर किया, जिसमें साफ दिखाई देता है कि नगर पालिका के प्रमुख कक्ष बंद हैं और कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
पार्षद ने सवाल उठाते हुए कहा—
“जब नगर पालिका ही बंद मिलेगी तो आम जनता अपनी समस्याएं लेकर कहां जाएगी?”
नगर पालिका में जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की गैरमौजूदगी ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि जनता के हितों के साथ हो रही गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि उच्च अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और नगर पालिका पोरसा की व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी,,,,,,,
सीएमओ पोरसा अवधेश सिंह सेंगर का कहना है,,,,,
पोरसा वार्ड क्रमांक 3 में संकल्प के समाधान योजना नगर पालिका परिषद पोरसा के द्वारा कैंप लगाया गया था जिसमें कर्मचारी सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक रहते हे इसलिए कर्मचारी कैंप में थे और में नगर में सफाई व्यस्था को देखने चला गया था मेरे पास ओर भी कम रहते हैं तो जाना पड़ता है नगर पालिका में कंप्यूटर ऑपरेटर तथा लेखपाल रहते है,