वाराणसी से प्रवीण मिश्रा। इंडियन टीवी न्यूज नैशनल
काशी की कानून-व्यवस्था को अपनी जांबाजी से नई दिशा देने वाली और अपराधियों के पसीने छुड़ाने वाली ADCP नीतू काद्दयान के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने उन्हें उनके अदम्य साहस और शौर्य के लिए “प्रशंसा चिन्ह – रजत” से सम्मानित करने की घोषणा की है।
वाराणसी जनपद से वह एकमात्र महिला आईपीएस अधिकारी* हैं जिन्हें इस गौरवशाली सम्मान के लिए चुना गया है।
अपराधियों के लिए ‘काल’, जनता के लिए ‘ढाल’
वरुणा जोन की कमान संभाल रहीं नीतू काद्दयान को लोग प्यार और सम्मान से ‘ लेडी सिंघम पुकारते हैं। उनकी कार्यशैली की धमक ऐसी है कि संगठित अपराधी हों या माफिया तत्व, उनके नाम से ही थर्राते हैं।
संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ चलाए गए विशेष ऑपरेशनों में उनका नेतृत्व बेमिसाल रहा है।
नारी सुरक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता ने वाराणसी की महिलाओं में पुलिस के प्रति अटूट विश्वास पैदा किया है।
वरुणा जोन आज प्रदेश के सबसे सक्रिय और अनुशासित जोनों में गिना जाता है, जिसका श्रेय उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को जाता है।
शौर्य का प्रतीक: क्या है ‘रजत प्रशंसा चिन्ह’?
DGP द्वारा दिया जाने वाला रजत प्रशंसा चिन्ह’ पुलिस विभाग के उन चुनिंदा* अधिकारियों को मिलता है जो अपने कर्तव्य की वेदी पर असाधारण साहस और नेतृत्व का परिचय देते हैं। नीतू काद्दयान को यह सम्मान मिलना उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और बेदाग नेतृत्व पर मुहर लगाता है।
“यह सम्मान केवल एक पदक नहीं, बल्कि उस ईमानदारी और जज्बे की पहचान है जिसने काशी की सड़कों को सुरक्षित बनाया है।”
काशी को गर्व, पुलिस का बढ़ाया मान
गणतंत्र दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान पूरी वाराणसी पुलिस के लिए गौरव का क्षण है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, ‘ लेडी सिंघम के इस सम्मान की चर्चा है। यह संदेश साफ है—जो अधिकारी ईमानदारी और साहस के साथ जनता की सेवा करेगा, राष्ट्र उसे सिर माथे पर बिठाएगा।
*काशी की शान, जांबाज पुलिस अधिकारी नीतू काद्दयान को इस बड़ी उपलब्धि पर ढेरों बधाइयां।