वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
वाराणसी। बनारसी यादव का आपराधिक सफर आखिरकार खत्म हो गया। वाराणसी में कोलोनाइजर की हत्या करने वाला कुख्यात सुपारी किलर STF एनकाउंटर में मारा गया।
मंगलवार देर रात इनपुट के आधार पर STF टीम ने बदमाश की घेराबंदी की। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद बनारसी यादव ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान दो सिपाहियों के बेहद करीब से गोलियां गुजर गईं, हालांकि दोनों बाल-बाल बच गए।
इसके बाद STF ने जवाबी कार्रवाई की। आमने-सामने हुई करीब 5 राउंड की फायरिंग में दो गोलियां बनारसी यादव को लगीं। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ स्थल से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं।
50 करोड़ की जमीन, 5 लाख की सुपारी और एक सनसनीखेज हत्या बनारसी यादव मूल रूप से गाजीपुर के करंडा क्षेत्र का रहने वाला था। करीब पांच महीने पहले 50 करोड़ रुपये की जमीन के विवाद में कोलोनाइजर महेंद्र गौतम की दिनदहाड़े चलती बाइक से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस साजिश में योगेंद्र यादव समेत चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वारदात को बनारसी यादव ने अपने दो साथियों के साथ अंजाम दिया था।
गैंग लीडर बनारसी यादव का आपराधिक इतिहास बनारसी यादव पुत्र राजनाथ यादव उर्फ झोटा यादव निवासी: गौरहट थारा, खानपुर, गाजीपुर (उ.प्र.)
गैंग नंबर: 08/2007 (थाना चोलापुर, वाराणसी)
हिस्ट्रीशीटर संख्या: 37-A
हत्या, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, लूट, हत्या के प्रयास सहित 21 से अधिक संगीन मुकदमे वर्ष 2025 में ₹1 लाख का इनामी अपराधी घोषित पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बनारसी यादव लंबे समय से संगठित अपराध का चेहरा बना हुआ था और उसका नेटवर्क पूर्वांचल के कई जिलों में फैला था।।