ई-रिक्शा का कोई रूट निर्धारित नहीं होने के कारण जाम की समस्या रहती थी इससे आम जनमानस को बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता था इसे देखते हुए ट्रैफिक विभाग सभी ई-रिक्शाओं के रूट निर्धारण की कार्रवाई की गई उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला स्मार्ट सिटी में चयनित है उसके बाद भी यहां के लोगों को जाम के झाम से मुक्ति नहीं मिल पा रही है. सबसे ज्यादा जाम ई-रिक्शा से लगता है. ट्रैफिक पुलिस विभाग ने लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है. ट्रैफिक विभाग ने 12 रूट ई-रिक्शा चालकों के लिए तय किए हैं. जिसमें प्रत्येक रूट पर 200 ई-रिक्शा चलेंगे. इन पर कलर कोडिंग भी की जाएगी. जिससे एक-दूसरे के रूट में कोई सेंधमारी न कर सके. इसके साथ ही ई-रिक्शा चालक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है यह सब कानून बनने के बाद भी ई रिक्शा चालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ा शासन प्रशासन के इन आदेशों के बाद भी ई-रिक्शा से सहारनपुर में देखा जाए तो हर रोज हर जगह जाम लगा रहता है प्रशासन के आदेश के अनुसार ई रिक्शा चालकों की बात की जाए बिना ड्राइविंग लाइसेंस के अनेक रिक्शा चालक रिक्शा चलाते हुए मिलेंगे जिससे हर रोज घटनाएं होती नज़र आती हैं जिसको अनदेखा किया जाता है बात की जाए ई रिक्शा चालकों की अपनी मनमानी करते नज़र आते हैं और अपनी मर्जी से किसी भी रूट पर चलते हैं और लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं कभी-कभी तो देखा जाता है की ई रिक्शा चालक किराए का ई-रिक्शा लेकर चलते फिरते हैं और कभी इसके टक्कर मार कभी उसके टक्कर मार लोगों की वाहनों को नुकसान पहुंचते हैं जिससे लोग क्रोधित होकर कुछ बोलते हैं तो ई रिक्शा चालक गाली गलौज तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं और पूरी दबंगई दिखाते हैं खुल्लम खुल्ला प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है प्रशासन से अनुरोध है की इन अनाड़ी रिक्शा चालकों की जांच की जाए और इन पर कार्रवाई होनी चाहिए
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़