सोनभद्र /दुद्धी (विवेक सिंह)
मोदी सरकार द्वारा 29 श्रम कानून को खत्म कर बनाए गए चार लेबर कोड आधुनिक गुलामी के दस्तावेज हैं। इन लेबर कोड के जरिए 200 वर्षों के संघर्षों के बाद हासिल काम के घंटे 8 के अधिकार को खत्म कर 12 घंटे कर दिया गया है। जो देश में पहले से ही जारी भीषण बेरोजगारी को और बढ़ाएगा व अभी कार्यरत मजदूरों की बड़े पैमाने पर छंटनी करेगा। इसके मजदूर विरोधी प्रावधानों के बारे में मजदूरों को जानकारी देने के लिए पूरे जिले में एक बड़ा जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय ठेका मजदूर यूनियन कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक में लिया गया। इस बैठक में 22 फरवरी को ओबरा में आयोजित 23 वें जिला सम्मेलन की तैयारी के बारे में चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद पूर्व श्रम बंधु दिनकर कपूर ने कहा कि इन लेबर कोड में न्यूनतम मजदूरी से भी कम फ्लोर लेवल वेज का प्रावधान किया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर अभी मात्र 178 रुपए है। यहीं नहीं न्यूनतम मजदूरी तय करने में मोबाइल, फ्रिज, मोटरसाइकिल आदि भी डाल दी गई है। जिससे हर 6 माह बढने वाला मंहगाई भत्ता कम हो जायेगा। इस सब से अपने परिवार की जीविका चला पाने में मजदूर असमर्थ हो जाएंगे। लेबर कोड में ठेका मजदूर से भी बुरी हालत में काम करने के लिए फिक्स टर्म इम्पलाइमेंट लाया गया है। जिसमें अभी हासिल सामाजिक सुरक्षा को भी खत्म कर दिया जाएगा। ट्रेड यूनियन बनाने व अपनी बात को व्यक्त करने के लिए आंदोलनात्मक पहलकदमी लेने जैसे जो संवैधानिक अधिकार मजदूरों को हासिल थे वह भी उनसे छीन लिए गए हैं। इसमें श्रम विभाग की भूमिका एनफोर्समेंट से फैसिलिटेटर में तब्दील कर दी गई है।
बैठक में कहा गया कि सोनभद्र के मजदूरों की हालत बेहद बुरी है। वह अमानवीय स्थितियों में काम करने के लिए मजबूर है। सुरक्षा उपकरण जैसे जरूरी चीज भी कई उद्योगों में मजदूरों को नहीं मिलती है। उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों से वेज रिवीजन नहीं हुआ जिसके कारण मजदूर को बाजार भाव से भी कम मजदूरी दर पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इन सब सवालों पर पहल लेने के लिए जिला सम्मेलन में चर्चा होगी।
बैठक की अध्यक्षता ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष कृपा शंकर पनिका और संचालन जिला मंत्री तेजधारी गुप्ता ने किया। बैठक को जिला उपाध्यक्ष तीरथराज यादव, संयुक्त मंत्री मोहन प्रसाद, प्रचार मंत्री मंगरु प्रसाद श्याम, कार्यालय मंत्री शेख इम्तियाज आदि ने संबोधित किया।