रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा|कोरोना काल के बाद से पोरसा शहर में साप्ताहिक अवकाश व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। पहले शहर में प्रत्येक बुधवार को बाजार बंद रहता था, जिससे दुकानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश मिल जाता था। लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान व्यवस्था में आई ढील के बाद से अब तक साप्ताहिक बंद का पालन दोबारा शुरू नहीं हो सका है।
क्या है गुमास्ता कानून?
मध्यप्रदेश में दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम (जिसे आम बोलचाल में गुमास्ता कानून कहा जाता है) लागू है। इस अधिनियम के तहत दुकानों के खुलने-बंद होने का समय, कर्मचारियों के कार्य घंटे और साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाता है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को नियमानुसार विश्राम और श्रम अधिकार प्रदान करना है।
कोरोना काल के बाद नहीं लौटी पुरानी व्यवस्था
स्थानीय व्यापारिक और श्रमिक वर्ग का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान बाजारों को आंशिक रूप से खोलने की अनुमति दी गई थी। उसी समय से बुधवार का साप्ताहिक अवकाश समाप्त हो गया और आज तक दोबारा लागू नहीं किया गया।
दुकानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि पहले बुधवार को अवकाश होने से वे अपने घरेलू कार्य, बैंक संबंधी काम और पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी कर लेते थे। अब लगातार सातों दिन काम करने से शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ रही है।
कर्मचारियों ने प्रशासन से की मांग
दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि गुमास्ता कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और पोरसा में पुनः प्रत्येक बुधवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित किया जाए।
उनका कहना है कि अवकाश के दिन यदि कोई दुकान खुली पाई जाती है तो उस पर अर्थदंड लगाया जाए, ताकि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि साप्ताहिक अवकाश न मिलने से श्रमिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
शासन-प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शासन और प्रशासन ने इस विषय पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि कानून मौजूद है, तो उसका पालन भी अनिवार्य होना चाहिए।
व्यापारिक संगठनों के कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, तो साप्ताहिक बंद को फिर से व्यवस्थित रूप से लागू किया जा सकता है।
निष्कर्ष
पोरसा में गुमास्ता कानून के तहत साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था बहाल करने की मांग अब जोर पकड़ रही है। दुकानों पर कार्य करने वाले कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें भी सप्ताह में एक दिन का वैधानिक विश्राम मिले।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और क्या शहर में फिर से बुधवार का साप्ताहिक अवकाश लागू हो पाता है या