प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार 2.0 के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। सोमवार को दिल्ली में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की मुलाकात ने इन अटकलों को और बल दे दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले एक महीने के भीतर न केवल मंत्रिमंडल विस्तार बल्कि संगठन में भी बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है।दिल्ली बैठक से तेज हुई राजनीतिक हलचल दिल्ली में हुई मुलाकात को भाजपा के भीतर चल रहे व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान उत्तर प्रदेश में सत्ता और संगठन दोनों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नई ऊर्जा और संतुलन देने की रणनीति पर काम कर रहा है। भाजपा नेतृत्व मानता है कि आगामी चुनाव केवल सरकार के प्रदर्शन पर नहीं बल्कि संगठन की मजबूती, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर भी निर्भर करेगा। यही कारण है कि जिला इकाइयों से लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों तक बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है।संगठन में व्यापक बदलाव की तैयारी पार्टी के अंदर खाने में चर्चा है कि प्रदेश संगठन की नई टीम जल्द घोषित हो सकती है। इसमें कई पुराने पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या नई नियुक्तियां संभव हैं। भाजपा नेतृत्व अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक संगठन को अधिक सक्रिय, चुनावी दृष्टि से सक्षम और सामाजिक रूप से प्रतिनिधिक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पंचायत चुनाव और लोकसभा के बाद अब पार्टी की नजर सीधे 2027 विधानसभा चुनाव पर है।मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में योगी मंत्रिमंडल का संभावित विस्तार भी है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में लगभग 15 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। इनमें विधायकों के साथ संगठन से जुड़े सक्रिय पदाधिकारियों को भी मौका मिल सकता है। सूत्र बताते हैं कि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी संभव है। सरकार प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन के आधार पर नई टीम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। भाजपा नेतृत्व का लक्ष्य है कि सरकार का चेहरा अधिक संतुलित और प्रभावी दिखाई दे।।