ब्यूरो चीफ – राकेश मित्र
कांकेर/ माटोली छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के ग्राम पंचायत माटोली में विकास कार्यों के नाम पर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश होगा! ग्राम पंचायत प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के संगीन आरोप लगाए हैं। आरोप है कि ठेकेदार ने कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मोटी रकम डकार ली है, लेकिन धरातल पर काम का नामोनिशान नहीं है।आंगनबाड़ी से लेकर पुलिया तक… हर जगह ‘सेधमारी’पंचायत के अनुसार, ठेकेदार की कार्यशैली पूरी तरह से संदिग्ध रही है। भ्रष्टाचार के इस खेल के कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:आंगनबाड़ी केंद्र का पैसा हजम: आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए तय राशि में से 3,00,000 रुपये (तीन लाख) ठेकेदार को दिए गए थे, लेकिन उस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हुआ।
बिना पुलिया बनाए डकारे एक लाख: पुलिया निर्माण के नाम पर 1,00,000 रुपये (एक लाख) का भुगतान लिया गया, लेकिन मौके पर आज भी पुलिया गायब है!ठेकेदार की ‘मनमानी’ और पंचायत का ‘नुकसान’पंचायत प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि ठेकेदार ने पंचायत में अलग-अलग कार्यों का पैसा उठा लिया है। ठेकेदार ने न केवल जनता के भरोसे को तोड़ा है, बल्कि सरकारी नियमों की भी धज्जियां उड़ाई हैं। ”ठेकेदार ने पंचायत का पैसा हजम कर लिया है। जिससे कार्य नहीं हो पा रहा है ठेकेदार से यह पैसा वसूल किया जाए ताकि विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।” निष्कर्ष और मांग
यह मामला सिर्फ पंचायतों का नहीं, बल्कि सरकारी खजाने की सरेआम लूट का है। ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि मांग कर रहे हैं कि:
संबंधित ठेकेदार को तत्काल ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जाए।
उससे पूरी राशि ब्याज सहित वसूल की जाए ,इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।