जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
पलेरा। तहसील पलेरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेला में एक ग्रामीण की मनमानी के कारण पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया है। गांव के दर्जनों निवासियों ने सामूहिक रूप से तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर जल निकासी बहाल कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि 40 साल पुरानी नाली पर खड़ी की दीवार ग्राम बेला में पिछले लगभग 40 वर्षों से सार्वजनिक नाली बनी हुई है, जिससे पूरे मोहल्ले के घरों का गंदा पानी बाहर निकलता है। आरोप है कि गांव के ही निवासी चिन्टेला (पुत्र लटोरे अहिरवार) ने बीते दिनों में नाली के अंतिम मुहाने पर दीवार खड़ी कर दी, जिससे पानी का निकास पूरी तरह बंद हो गया है।रास्ते में भरा एक फीट पानी, शादी का घर भी प्रभावित नाली बंद होने के कारण नालियों का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है, जिससे मोहल्ले के मुख्य रास्तों पर करीब एक फीट तक गंदा पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में गांव में शादी का कार्यक्रम है, ऐसे में रास्तों पर पानी भरा होने के कारण मेहमानों और बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले में गंदगी और बीमारी फैलने का भी डर बना हुआ है।
ग्रामीणों ने की कानूनी कार्रवाई की मांग शिकायती पत्र पर ग्राम पंचायत बेला के सचिव, सरपंच प्रतिनिधि और मोहल्ले के प्रमुख निवासी दशरथ, राजेंद्र कुमार, बृजलाल, बालू यादव, सुनील विश्वकर्मा सहित दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान मौजूद हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं:नाली पर अवैध रूप से बनाई गई दीवार को तुरंत ढहाया जाए। सार्वजनिक कार्य में बाधा डालने वाले अनावेदक पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए जल निकासी को तत्काल सुचारू कर ग्रामीणों को राहत दी जाए। वहीं तहसीलदार कुलदीप सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है