बरेली। फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में ईओ और भाजपा नेता आशीष अग्रवाल के बीच हुए विवाद के मामले में रिपोर्ट न भेजे जाने पर उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने डीएम बरेली को पुनः नोटिस जारी करते हुए 1 अप्रैल 2026 को हर हाल में रिपोर्ट प्रस्तुत करने या स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के लिए बरेली मंडलायुक्त को भी निर्देशित किया गया है।
यह मामला करीब चार माह पूर्व कस्बे के मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सामने आया था। उस समय व्यापारी राहुल गुप्ता की दुकान के आगे का हिस्सा तोड़े जाने को लेकर ईओ और भाजपा नेता आशीष अग्रवाल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी। दोनों पक्षों द्वारा तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने केवल ईओ की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए आशीष अग्रवाल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया था।
इस कार्रवाई से नाराज आशीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले 15 दिसंबर 2025 और फिर 4 फरवरी 2026 को डीएम बरेली से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन दोनों बार रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
रिपोर्ट न मिलने पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए अब सख्त निर्देश जारी किए हैं कि 1 अप्रैल 2026 तक हर स्थिति में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल को भी आयोग की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें डीएम से मांगी गई रिपोर्ट का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
आयोग की इस सख्ती के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें 1 अप्रैल पर टिकी हैं।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली