रामगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के सहजपुर बस स्टैंड पर रविवार को साइबर अपराध के खिलाफ एक सशक्त और जागरूकता से भरी बैठक आयोजित की गई। पंचायत समिति प्रधान नसरू खान की अगुवाई में हुई इस बैठक में सरपंच, प्रबुद्ध नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर साइबर ठगी के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
बैठक में प्रधान नसरू खान ने दो टूक कहा कि अब समाज साइबर अपराध को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों के कारण पूरे क्षेत्र, खासकर मेवात की छवि खराब हो रही है। “यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। जब तक हम खुद आगे नहीं आएंगे, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
प्रधान ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को गलत रास्तों से दूर रखें और उन्हें शिक्षा तथा रोजगार की दिशा में प्रेरित करें। उन्होंने चेताया कि आसान पैसे के लालच में युवा अपना भविष्य अंधकार में डाल रहे हैं, जिसे समय रहते रोकना बेहद जरूरी है।
बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रत्येक गांव में निगरानी कमेटी बनाने की घोषणा की गई। ये कमेटियां गांव में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और किसी भी साइबर अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को देंगी। साफ कहा गया कि अब अपराधियों को छिपाने के बजाय उन्हें कानून के हवाले करना ही समाज का कर्तव्य होगा।
इस दौरान प्रधान नसरू खान ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार बाहरी राज्यों की पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बाद रास्ते में छोड़ देती है, जिससे उनके हौसले और बढ़ जाते हैं।
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे और अपने क्षेत्र को इस कलंक से मुक्त कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। यह बैठक न केवल चेतावनी थी, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत भी बनी।