हरिकेश मिश्रा इंडियन न्यूज़ टीवी रिपोर्टर
प्रयागराज। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले ‘समाधान दिवस’ की मेजा तहसील में जो तस्वीर सामने आई है, वह सरकारी सिस्टम को शर्मसार करने वाली है। जहाँ एक तरफ दूर-दराज से आए गरीब फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठे थे, वहीं दूसरी ओर जनता की सेवा के लिए तैनात जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में खर्राटे भरते नजर आए।
कुर्सी पर ‘योग निद्रा’ में दिखे जिम्मेदार
तहसील परिसर में अव्यवस्था का आलम यह था कि जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए बैठे अधिकारियों को फरियादियों के दुख-दर्द से ज्यादा प्यारी अपनी नींद लगी। कैमरे में कैद तस्वीरों में:
मांडा क्षेत्र की एक आंगनवाड़ी महिला सुपरवाइजर।
स्वास्थ्य विभाग की एक महिला अधिकारी।
दिव्यांग स्कूल के एक शिक्षक।
ये तीनों अपनी-अपनी कुर्सियों पर झपकी लेते हुए साफ देखे जा सकते हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने जब यह नजारा देखा, तो उन्होंने तुरंत इसका वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
जनता का दर्द: ‘साहब सो रहे हैं, हम कब तक जागें?’
मौके पर मौजूद फरियादियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे सुबह से भूखे-प्यासे इस आस में आए हैं कि उनकी जमीन, पेंशन या इलाज से जुड़ी समस्या सुनी जाएगी। लेकिन यहाँ तो रक्षक ही निद्रालीन हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि समाधान दिवस पर भी यही रवैया रहा, तो आम जनता को न्याय की उम्मीद किससे करनी चाहिए?
सिस्टम पर सवाल और कार्रवाई की मांग
सरकारी मंशा है कि शिकायतों का मौके पर ही निपटारा हो, लेकिन मेजा तहसील की इस लापरवाही ने पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। हालांकि अभी तक उच्चाधिकारियों ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
क्या यह सिर्फ थकान है या ड्यूटी के प्रति घोर उदासीनता? अब देखना यह है कि प्रयागराज प्रशासन इन ‘सोते हुए’ अधिकारियों को जगाने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
रिपोर्टर हरिकेश मिश्रा
इंडियन न्यूज़ टीवी