जालोर जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां चितलवाना उपखंड के छोटे से गांव परावा की रहने वाली चंद्रिका विश्नोई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99% अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में मिसाल कायम की है।
चंद्रिका की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता गोपाल सारण, जो पूर्व में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर थे, पेपर लीक मामले में गिरफ्तार होकर जेल में हैं। परिवार पर लगे इस दाग और सामाजिक दबाव के बावजूद चंद्रिका ने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
सिवाड़ा के सनराइज पब्लिक स्कूल की छात्रा चंद्रिका ने कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर मेहनत जारी रखी। पढ़ाई के साथ-साथ वह एक बेहतरीन वक्ता और कवयित्री भी हैं। उन्होंने “छू ले नभ वो अब” नाम से एक कविता संग्रह भी लिखा है, जो उनकी प्रतिभा को दर्शाता है।
चंद्रिका की सफलता में उनके दादा पाबूराम विश्नोई का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपनी पोती को सही मार्गदर्शन दिया और हर परिस्थिति में उसका हौसला बढ़ाया। दादा का कहना है कि उन्होंने ठान लिया था कि पोती को सही दिशा देकर परिवार का नाम फिर से रोशन करेंगे।
चंद्रिका का सपना आगे चलकर वैज्ञानिक बनने का है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, वह शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है और विपरीत हालात में भी उसने धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखा।
यह कहानी सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और संकल्प की है। चंद्रिका ने साबित कर दिया कि “अतीत चाहे जैसा हो, मेहनत से भविष्य बदला जा सकता है।