दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
जनपद दुद्धी क्षेत्र में निजी स्कूलों द्वारा शासन के निर्देशों का उल्लंघन करने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। अभिभावकों की शिकायतों पर जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय एवं उनकी टीम ने बुधवार को संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान जेम्स स्कूल, सेंट मेरी स्कूल सहित अन्य संस्थानों पर निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें थोपने, एनसीईआरटी पुस्तकों की अनदेखी करने, मनमाने शुल्क व बोर्ड मान्यता के उल्लंघन के आरोप पुष्ट हुए।कस्बा डी सी एफ कालोनी स्थित होटल ग्रीन स्टार के बगल में जांच के बाद ‘द बुक मार्ट’ नामक किताब दुकान को सील कर दिया गया, जबकि दो प्रमुख स्कूलों को मान्यता वापसी की नोटिस थमाई गई।
बता दे कि दुद्धी क्षेत्र के अभिभावक लंबे समय से निजी स्कूलों के मनमाने रवैये से परेशान थे। शिकायतों में प्रमुख रूप से निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें थोपना, इन्हें किसी एक चिन्हित दुकान से ही खरीदने को बाध्य करना, स्कूल ड्रेस भी पूर्व नियोजित दुकान से खरीदवाना शामिल था। इसके अलावा बिना अनुमति शुल्क में वृद्धि व माध्यमिक मान्यता के बावजूद सीआईएससीई बोर्ड की किताबें चलाना भी प्रमुख मुद्दा शामिल रहा । इन शिकायतों के संज्ञान में आते ही प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई। बुधवार को टीम ने सबसे पहले डीसीएफ कालोनी में स्थित ‘द बुक मार्ट’ किताब दुकान पर छापा मारा। दुकान से जेम्स स्कूल व सेंट मेरी स्कूल सहित अन्य स्कूलों के लिए निजी प्रकाशनों की महंगी किताबों की बिक्री स्लिपें बरामद हुईं। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सरकारी एनसीईआरटी पुस्तकें ही चलाई जाएं, लेकिन इनका खुला उल्लंघन पाया गया ।जिसके बाद जांच के दौरान दुकान को तत्काल सील कर दिया गया।
छापेमारी की अगली कड़ी में टीम जेम्स स्कूल पहुंची। वहां कार्यालय से सीआईएससीई बोर्ड की किताबें बरामद हुईं, जबकि स्कूल की माध्यमिक मान्यता किसी अन्य बोर्ड से है। प्रधानाचार्य को निजी किताबें न चलाने, मनमाना शुल्क न वसूलने की कड़ी हिदायत दी गई। साथ ही मान्यता वापसी की नोटिस जारी कर दी गई।
इसी क्रम में सेंट मेरी स्कूल में एडमिशन फीस के स्लिप देख टीम हैरान रह गई। स्लिपों में एडमिशन शुल्क 10 हजार से 25 हजार रुपये तक अंकित था, जो बिना अनुमति शुल्क वृद्धि का स्पष्ट प्रमाण था। यहां भी समान नोटिस थमाई गई। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल एनसीईआरटी किताबें चलेंगी व बिना अनुमति शुल्क न बढ़ाया जाए।
इस कार्रवाई से दुद्धी के निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों ने तत्काल सुधार के संकेत दिए हैं, लेकिन प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न होने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
आने वाले दिनों में कितना अनुपालन होता है, यह देखना बाकी है। अभिभावक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है व उम्मीद जताई है कि इससे शिक्षा का व्यावसायीकरण रुकेगा।