बरेली। फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर के कथित गलत इलाज से 45 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि आरोपित झोलाछाप मौके से फरार हो गया। परिजनों में आक्रोश है, हालांकि देर रात तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई, जिससे कार्रवाई नहीं हो सकी। मामले के समझौते की भी चर्चाएं हैं।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला सराय नई बस्ती निवासी यासीन (45) शनिवार को एक रिश्तेदारी से लौटे थे। घर पहुंचने के बाद उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत हुई, जिस पर उन्होंने मोहल्ले में ही एक झोलाछाप डॉक्टर से दवा ली। आराम न मिलने पर परिजनों ने डॉक्टर को घर बुला लिया।
आरोप है कि डॉक्टर ने बिना बीपी या अन्य जांच किए ही यासीन को ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी। परिजनों का कहना है कि बोतल चढ़ने के महज 15 मिनट के भीतर ही यासीन की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
घटना के बाद लोगों की सलाह पर परिजन रविवार शाम यासीन को बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के भतीजे ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने सीटी स्कैन के आधार पर सिर में ग्लूकोज के प्रभाव और अधिक बीपी बढ़ने को मौत की वजह बताया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि उक्त झोलाछाप के गलत इलाज से पहले भी एक लड़की समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों द्वारा तहरीर न देने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया।
उधर, चौकी प्रभारी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली