दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
दुद्धी शिक्षा क्षेत्र के महुली स्थित कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को शारदा संगोष्ठी, वार्षिक उत्सव एवं कक्षा 8वीं के छात्र-छात्राओं के विदाई समारोह का आयोजन अत्यंत भावपूर्ण और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया और पूरे परिसर को उत्साह, उमंग व संवेदनाओं से भर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। पश्चात छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे।
विद्यालय के शिक्षक सर्वेश कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत, लगन और अनुशासन जरूरी है। आप सभी छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता और गुरुओं के सपनों को साकार करने के लिए पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ें। उनके शब्दों ने बच्चों के मन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
वहीं विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मीरा यादव ने विदाई के इस भावुक अवसर पर कहा कि आज का दिन हमारे लिए गर्व और भावनाओं का संगम है। आप सभी छात्राएं यहां से केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास की पूंजी लेकर जा रही हैं। जहां भी जाएं, अपने विद्यालय और अपने गुरुओं का नाम रोशन करें। उनके शब्दों में ममता और मार्गदर्शन की गहराई साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम में उपस्थित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर रविंदर कुमार ने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, तभी आप अपने लक्ष्यों को सही मायनों में प्राप्त कर पाएंगे।
उप स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य सेवाएं दे रही एकता सिंह ने अपने भावपूर्ण गीत “मेरे प्यारे बच्चों, विदा हो रहे हो…” के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि माहौल पूरी तरह भावुक हो उठा। गीत की पंक्तियों ने हर किसी के दिल को छू लिया और कई आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज महुली के प्रधानाचार्य राकेश कुमार कन्नौजिया ने अत्यंत प्रेरणादायी और दूरदर्शी उद्बोधन देते हुए कहा कि “शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, यह जीवन को समझने और उसे सही दिशा देने का माध्यम है। आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्र निर्माता हैं। आप सभी अपने भीतर के सामर्थ्य को पहचानें, लक्ष्य निर्धारित करें और निरंतर प्रयास करते रहें। असफलता से घबराना नहीं, बल्कि उसे सीख बनाकर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता का मार्ग है। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर आप न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और देश का भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं।
उनके विचारों ने छात्रों के मन में नई सोच और आगे बढ़ने की प्रेरणा जगाई।
विदाई के इस मार्मिक क्षण में विद्यालय के परिचारक गणेश शंकर भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके और उनकी आंखें नम हो गईं, जो विद्यालय परिवार के आपसी स्नेह और अपनत्व को दर्शाता है।
अंत में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा कक्षा 8वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उपहार एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र देकर भावभीनी विदाई दी गई। वहीं कक्षा 6वीं में प्रवेश लेने वाले नए छात्र-छात्राओं को कॉपी और कलम भेंट कर उनका स्वागत भी किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की निर्मला देवी, सुगवंती देवी, शांति देवी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन भावुक माहौल में हुआ, जहां एक ओर विदाई का दर्द था, तो दूसरी ओर उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीदें भी झलक रही थीं।