रिपोर्ट – सुभाष चंद
एंकर/विजुअल -इस वर्ष दो अलग-अलग क्षेत्रों से भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। दलित समाज की ओर से मेला घाट क्षेत्र से लेकर ब्लॉक कार्यालय तक विशाल जुलूस निकाला गया। एक अन्य शोभायात्रा बरी अंजनिया से शुरू होकर थारू विकास भवन तक पहुंची। यात्रा में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत शिरोमणि रविदास और महात्मा गौतम बुद्ध की भव्य झांकियां शामिल रहीं, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।भीम अनुयायियों की भागीदारी: कार्यक्रम में हजारों की संख्या में अनुयायियों ने शिरकत की। आज देश भर में भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा में भी भारी उत्साह देखने को मिला। खटीमा के मेला घाट क्षेत्र से भीम अनुयायियों ने एक भव्य शोभायात्रा निकाली, जो मुख्य मार्गों से होते हुए ब्लॉक कार्यालय तक पहुंची। नीले झंडों और ‘जय भीम’ के नारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो गया। वहीं दूसरी ओर, बरी अंजनिया से थारू विकास भवन तक भी एक विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।इस दौरान विधायक भुवन चंद्र कापडी ने अम्बेडकर जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए खटीमा के मुख्य चौक पर श्रद्धालुओं को फल और पानी अपने हाथों से वितरण किया। वहीं मीडिया से रूबरू होते हुए वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व जिलापंचायत सदस्य अरविंद कुमार ने बताया कि इस वर्ष की शोभायात्रा ऐतिहासिक रही है। बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को घर-घर पहुंचाने के संकल्प के साथ यह आयोजन किया गया है। खटीमा पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।