किशोर कुमार दुर्ग छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच में प्रथम दृष्टया प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। सभी के खिलाफ बीएनएस की धारा 106, 289, 3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
बता दें कि वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 20 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों में 5 लोग छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि 15 मृतक अन्य राज्यों से हैं।
सीएम ने मजिट्रियल जांच के दिए हैं निर्देश
इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान भी किया है। PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
मृतक के परिजन को 35-35 लाख और नौकरी देगी कंपनी
वेदांता प्रबंधन ने मृतक के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। बता दें कि रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में 11 घायलों का इलाज चल रहा है। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूर उमेंद्र और किस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।