वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज उस समय हड़कंप मच गया जब वाराणसी के एक गरीब परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में उपस्थित होकर ₹132 करोड़ की पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे की गुहार लगाई। प्रार्थी अजय कुमार सेठ ने सीधे तौर पर माफिया बृजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह विधायक सैयदराजा के पत्नी किरन सिंह और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रमुख बिंदु जो चर्चा में हैं:
हाईकोर्ट के आदेश की धज्जियाँ: प्रार्थी का आरोप है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ‘यथास्थिति’ (Status Quo) का आदेश होने के बावजूद भूमि के फर्जी बैनामे कराए गए।
DM के आदेश को ठेंगा: जिलाधिकारी वाराणसी ने दिसंबर 2021 में इस भूमि के दाखिल-खारिज पर रोक लगाई थी, लेकिन आरोप है कि माफिया के दबाव में उप-निबंधक कार्यालय ने नियम विरुद्ध रजिस्ट्री की।
दबंगई और धमकी: पीड़ित अजय सेठ ने मुख्यमंत्री को बताया कि सुशील सिंह और उनके गुर्गों द्वारा बंदूक की नोक पर बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा है और विरोध करने पर सपरिवार जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
CBI जांच की मांग: मामले की गंभीरता और 132 करोड़ की भारी-भरकम राशि को देखते हुए प्रार्थी ने स्थानीय पुलिस के बजाय CBI जांच और परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
जनता दरबार में मुख्यमंत्री ने प्रार्थी के पत्र को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधिकारियों को मामले की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने वाराणसी प्रशासन से पूछा है कि उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कैसे जारी है।
“हमें न्याय की उम्मीद है। जब शासन और प्रशासन ही माफिया के साथ खड़ा हो जाए, तो गरीब केवल मुख्यमंत्री की शरण में ही आ सकता है।” माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सशक्त कार्रवाई करने के लिए निर्देश?