डिबाई विधानसभा क्षेत्र के राजघाट स्थित रघुनाथ बारह सैनी इंटर कॉलेज में मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने आपदा राहत और बचाव का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को भविष्य में आने वाली प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं से निपटने के तरीके सिखाए गए।
एनडीआरएफ के जवानों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से आपदा के समय त्वरित राहत और बचाव कार्यों के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे बाढ़, भूकंप, ट्रेन दुर्घटनाओं और रासायनिक/परमाणु (CBRN) जैसी आपात स्थितियों में जान बचाई जा सकती है।
एनडीआरएफ आपदाओं के समय त्वरित राहत और बचाव कार्य में माहिर है। इसकी 16 बटालियनें अत्याधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण के साथ काम करती हैं। ये बचावकर्मी बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने, मलबे से जीवित लोगों को ढूंढने और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने में सक्षम हैं।
प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ ने बचाव कार्यों की मुख्य विधियों का प्रदर्शन किया। इनमें रबर बोट्स (ओबीएम) का उपयोग कर बाढ़ बचाव, भूकंप या इमारत ढहने की स्थिति में मलबे से खोज और बचाव (CSSR) के लिए रेंजर्स, कैमरों और विशेष उपकरणों का उपयोग शामिल था। इसके अतिरिक्त, रस्सी के माध्यम से ऊंचाई या गहराई से बचाव (रोप रेस्क्यू), रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु (CBRN) आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष किट और तकनीक का प्रदर्शन किया गया। घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने से पहले आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के बारे में भी जानकारी दी गई।
रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु (CBRN) आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष किट और तकनीक का प्रदर्शन किया गया। घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने से पहले आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के बारे में भी जानकारी दी गई।
एनडीआरएफ के इस कार्यक्रम से कॉलेज के छात्र-छात्राएं अत्यधिक प्रभावित हुए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रवेश कुमार गुप्ता, देवेंद्र सिंह, नटवर सिंह, लखविंदर तिवारी, हिमांशु रावत, वेद प्रकाश शर्मा, नरेंद्र सिंह, सुनील कुमार, राजकुमार, रामू, श्यामू, सुभाष कुमार, बबीता गोयल, सोनी का और मुकेश कुमार सहित कई अध्यापकगण और छात्र मौजूद रहे।
संवाददाता अतुल कुमार