लोकेशन — हमीरपुर यूपी
रिपोर्ट — संदीप द्विवेदी
केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना जल जीवन मिशन हमीरपुर में सवालों के घेरे में है। पूरी परियोजना को जिम्मेदारों की लापरवाही से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। कही दीवारों में दरारें तो कही नलों में टोटी नही तो कही पाइप लाइन ध्वस्त होने पर सीसी रोड के ऊपर से पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। इतना ही नहीं कई घरों तक आज भी पानी नहीं पहुंच रहा है।
वो/ओ: गोहांड ब्लॉक के चंदवारी डांडा ग्राम पंचायत में जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल उलट दिख रही है। यहां पानी की टंकी के नीचे जमीन पर फाउंडेशन में दरारें पड़ चुकी हैं। दीवारों में भी क्रैक साफ नजर आ रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई और गुणवत्ता को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। आखिर दो साल बाद भी कई घरों तक पानी क्यों नहीं पहुंचा? घुरौली गांव में आधे हिस्से में ही सप्लाई हो रही है, जबकि बिलगांव आज भी एक-एक बूंद पानी को तरस रहा है।
नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन कई घरों में टोंटी तक नहीं लगाई गई, जिससे पानी की बर्बादी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार, जेई और अधिकारियों ने मिलकर बड़ा भ्रष्टाचार किया हैं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि मानक के अनुरूप काम नहीं हुआ, घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, और यही वजह है कि निर्माण में “भ्रष्टाचार की दरारें” साफ दिखाई दे रही हैं। अब ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।