बरेली। बहेड़ी तहसील से शासन की जनसुनवाई व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच एक मिसाल सामने आई है। उप जिलाधिकारी इशिता किशोर की तत्परता और मानवीय पहल ने ग्राम टांडा मीर नगर निवासी पुष्पा देवी पत्नी छुट्टन सिंह के आवासहीन परिवार की वर्षों पुरानी पीड़ा खत्म कर दी। IGRS पोर्टल पर शिकायत मिलते ही अफसरों ने फाइलों में नहीं दौड़ाया, बल्कि सीधे मौके पर जांच कराई और पात्र मिलते ही हाथों-हाथ आवासीय पट्टा थमा दिया।
IGRS पर क्लिक, SDM का एक्शन
मामला बहेड़ी तहसील का है। एक बेघर परिवार ने IGRS पोर्टल पर आवास के लिए गुहार लगाई। अक्सर ऐसी शिकायतें महीनों धूल फांकती हैं, लेकिन यहां SDM इशिता किशोर ने खुद संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर राजस्व टीम ने गंभीरता से जांच की। परिवार पूरी तरह पात्र पाया गया। इसके बाद बिना देरी किए प्रशासन ने आवासीय पट्टा जारी कर दिया।
वर्षों का इंतजार, मिनटों में खत्म
जो परिवार बरसों से टूटी छत और खुले आसमान के नीचे जिंदगी काट रहा था, उसे अब स्थायी आशियाने की नींव मिल गई है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार की आंखें नम हो गईं। क्षेत्र में लोग कह रहे हैं, अगर हर अफसर ऐसे काम करे तो गरीब को इंसाफ के लिए भटकना न पड़े।
SDM का सख्त संदेश
उप जिलाधिकारी इशिता किशोर ने इस कार्रवाई के बाद सभी अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होना चाहिए। “शासन की योजनाएं कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। आम आदमी को उसका हक बिना चक्कर लगाए मिले, यही गुड गवर्नेंस है, SDM ने साफ किया।
बहेड़ी ने दिखाई राह
जहां कई जगह IGRS की शिकायतें डंप हो जाती हैं, वहीं बहेड़ी तहसील ने साबित कर दिया कि अगर अफसर चाहें तो व्यवस्था बदल सकती है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक परिवार को छत दी, बल्कि पूरे सिस्टम में भरोसा भी जगाया है।
प्रमोद शर्मा ब्यूरो बरेली