लोकेशन- मोतिहारी
मोतिहारी के इंजीनियरिंग कॉलेज में एक छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. छात्रा का कमरा अंदर से बंद था और दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया. अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई. पिता ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है.”
मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज की थर्ड ईयर की होनहार छात्रा रिमी कुमारी अब हमारे बीच नहीं रहीं. आज दोपहर रिमी की संदेहास्पद मौत हो गई. उसकी मौत के बाद पूरे कॉलेज परिसर में शोक का माहौल छा गया. रिमी की मौत के संबंध में मुफस्सिल थाने की SHO प्रियंका और कॉलेज के प्रिंसिपल के दिए गए विरोधाभासी बयानों ने इस मामले को कुछ हद तक उलझा दिया है. वही, दूसरी ओर रिमी के पिता ने आरोप लगाया है कि उसकी हत्या की गई है. रिमी आज दोपहर अपने हॉस्टल के कमरे में अचेत अवस्था में मिली थीं. जैसा कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया है, जब दोपहर के समय उसके कमरे का दरवाजा जबरदस्ती खोला गया, तब वह बेहोश अवस्था में मिली. प्रिंसिपल ने इस बात से इनकार किया है कि रिमी की मौत फांसी लगाने के कारण हुई है.
प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि वे रिमी को एक प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए, जहां उसे ऑक्सीजन दिया गया. लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. छात्रा की मौत के बाद, सैकड़ों छात्र कॉलेज कैंपस में जमा हो गए. छात्रों को एक-दूसरे से यह पूछते हुए देखा गया कि आखिर हुआ क्या था और रिमी की मौत का जिम्मेदार कौन है. रिमी इंजीनियरिंग कॉलेज की एक बहुत ही होनहार छात्रा थी. वह कल ही एक परीक्षा देकर बेतिया से लौटी थी. मृतका, रिमी, मुजफ्फरपुर की रहने वाली थी. वह मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में तीसरे वर्ष की छात्रा थी. कॉलेज के प्रिंसिपल के अनुसार, कमरा अंदर से बंद था, इसलिए लोगों ने दोपहर में दरवाजा तोड़ दिया. उन्होंने छात्रा को एक कुर्सी पर बेहोश बैठे हुए पाया. इसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
छात्रा के पिता ने बताया है कि उनकी बेटी की गला घोंटकर हत्या की गई है. छात्रा ने कल रात 10 बजे अपने पिता से बात की थी और उस समय वह पूरी तरह से सामान्य लग रही थी. रिमी के पिता का कहना है कि
“अगर रिमी आत्महत्या करना चाहती होती, तो वह उनसे इस बारे में बात करती या कल उसने किसी तरह की परेशानी के संकेत दिए होते. लेकिन, ऐसा कोई भी संकेत बिल्कुल नहीं मिला. इस बीच, मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही इस घटना को आत्महत्या करार दे दिया है. SHO के इस जल्दबाजी वाले बयान पर सवाल उठाते हुए, स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जिस तरह NEET की छात्रा को अभी तक इंसाफ नहीं मिला है, क्या रिमी को भी इंसाफ नहीं मिलेगा? फिलहाल, पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है और अपनी जांच शुरू कर दी है.
सूत्रों की माने तो रिमी के मोबाइल फोन का डेटा फॉर्मेट कर दिया गया है. हालांकि, यह संभव है कि फॉर्मेट किया गया डेटा रिकवर होने के बाद पुलिस को कोई अहम सुराग मिल जाए, लेकिन फिलहाल मुफस्सिल थाने की SHO प्रियंका के पोस्टमॉर्टम से पहले ही मौत को आत्महत्या घोषित करने की जल्दबाजी पर सवाल उठाए जा रहे हैं. मुफस्सिल SHO का बयान सुनने के बाद मृतक रिमी के पिता ने अब आरोप लगाया है कि प्रशासन और कॉलेज मिलकर उनकी सीधी-सादी बेटी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं और हत्यारे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.”
बिहार मोतिहारी से ब्यूरो अमरजीत सिंह