बरेली
थाना बारादरी पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। 99 बीघा मैदान में मुखबिर की सटीक सूचना पर छापा मारकर पुलिस ने दो आरोपियों को चार महंगी गाड़ियों समेत दबोच लिया। जांच में सामने आया कि गैंग फर्जी आय और निवास प्रमाण पत्र तैयार कर बैंकों से कार लोन पास कराता था और गाड़ियां दूसरे राज्यों में बेच देता था। 22 मई 2026 की रात थाना प्रभारी बारादरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। मौके से मोहम्मद शमी उर्फ शेर पुत्र शराफत जान और मोहम्मद सैराब पुत्र मोहम्मद शमी उर्फ शेर निवासी गार्डन सिटी, बीसलपुर चौराहा, बारादरी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। तलाशी में किआ कैरेंस और क्रेटा समेत चार लग्जरी एसयूवी बरामद हुईं। साथ ही फर्जी आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र भी पुलिस के हाथ लगे। पूछताछ में आरोपी मोहम्मद सैराब ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह अपने पिता मोहम्मद शमी और बैंक कर्मचारी रविंद्र कुमार निश्छल के साथ मिलकर फर्जी कागजात तैयार करता था। इन्हीं कागजों के आधार पर बैंक से लोन पास कराकर गाड़ियां निकाली जाती थीं। अब तक सात गाड़ियां इसी तरीके से निकाले जाने की बात सामने आई है। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद संगठित थी। फर्जी दस्तावेजों पर गाड़ियां अलग-अलग लोगों के नाम कराई जाती थीं और फिर उन्हें नैनीताल समेत अन्य इलाकों में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। पुलिस जांच में रसीद, अलीम, नौशाद अंसारी, वली आजम, विनामी सिंह और मो. तहमीद के नाम भी सामने आए हैं। आरोपियों ने कबूला कि पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से बैंकिंग सिस्टम को ठग रहा था। फिलहाल थाना बारादरी में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फर्जीवाड़े में शामिल अन्य बैंक कर्मचारियों और सहयोगियों की तलाश में दबिश दे रही है। इस खुलासे ने बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति को बेनकाब कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद शर्मा ब्यूरो बरेली