सोनभद्र
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक राम दुलारे गोड़ को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जमानत दे दी है, लेकिन अदालत ने उनके दोषसिद्धि के निलंबन पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की एकल पीठ ने उनकी याचिका पर जारी किया।
मामला 2014 का बताया गया है, जब राम दुलारे उस समय अपने गांव के प्रधानपति के पद पर थे। आरोप है कि घटना उसी अवधि की है। मामले में उनकी पत्नी सुरतन रासपहरी गांव की प्रधान थीं। राम दुलारे बाद में 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के विजय सिंह गोण्ड को लगभग छह हजार वोटों से हराकर विधायक बने थे।
सत्र अदालत ने राम दुलारे को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 15 दिसंबर 2023 को 25 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ राम दुलारे ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए जमानत अधिस्थगन मंजूर कर लिया, परन्तु दोषसिद्धि को स्थगित करने की मांग खारिज कर दी।
अदालत ने जमानत के शर्तों के रूप में कुछ निर्देश भी जारी किए हैं। सरकारी वकील और अभियोजन पक्ष ने मामले की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए दोषसिद्धि निलंबन न करने के पक्ष में दलीलें दीं। प्रतिवादी के पक्ष के वकील ने स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिति व चुनावी विजय का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी।
सोनभद्र के स्थानीय राजनैतिक परिदृश्य में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दुद्धी इलाके में इस फैसले से राजनीतिक हलचल और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग के बयानों की प्रतीक्षा है। जिला प्रशासन और पुलिस ने भी अदालत के आदेश के बाद आवश्यक कार्यवाही का पालन करने की बात कही है।
अधिकारियों ने बताया कि जमानत मिलने के बाद भी आरोपी पर अपराधिक रिकॉर्ड बना रहेगा और दोषसिद्धि पर अदालत द्वारा जारी फैसला प्रभावी रहेगा जब तक उच्चतम न्यायालय से कोई और आदेश नहीं आता।