किसान खरीब की फसल के नुकसान से गुजरा ही था कि अब तेल के भाव ने छोटे किसान की कमर तोड़ दी पिछले दिनों बड़े तेल के भाव ने खेत जुताई समेत ट्रैक्टर के सभी कामों पर पिछली कीमतों से अधिक भाव कर दिया जुताई में ट्रैक्टर का खर्च 100 से 150 रूपये अधिक हो गया जिससे किसानों का खर्चा ओर बढ़ गया इसका परिणाम किसान ही नहीं ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हर व्यक्ति झेल रहा हैं भले ही 1लीटर तेल पर बड़ी कीमत आपको कम दिखाई देती होगी पर अब इसका असर दिखना शुरू हो गया है महंगाई एक धम से सोने चांदी की तरह उछल चुकी है आपकी क्या राय है कमेंट करके बताए
झालावाड़ से एमान सिंह की रिपोर्ट