बरेली में यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज, खेड़ा वझेड़ा के शानदार रिजल्ट पर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ छात्रों को पहले से “वीआईपी” चिन्हित कर टॉपर बनाने की तैयारी की गई थी। शिकायतकर्ताओं ने एक कथित हस्तलिखित कागज के आधार पर पूरे मामले की जांच की मांग की है।
स्कूल ने रचा था इतिहास, अब उसी रिजल्ट पर उठे सवाल
इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा में सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज ने चौंकाने वाला प्रदर्शन किया था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों की स्टेट टॉप-10 सूची में स्कूल के पांच-पांच छात्र शामिल हुए थे। वहीं जिला टॉप-10 में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने जगह बनाई थी। स्कूल की इस उपलब्धि की खूब चर्चा हुई थी, लेकिन अब यही रिजल्ट विवादों में घिर गया है।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
खेड़ा गांव निवासी हरीशंकर गुप्ता ने मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक, संयुक्त शिक्षा निदेशक और डीएम समेत कई अधिकारियों को शपथ पत्र के साथ शिकायत भेजी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा परिणाम आने से पहले ही कुछ रोल नंबरों को “वीआईपी” और “स्टेट टॉपर” लिखकर चिन्हित किया गया था।
शिकायत के साथ एक कागज भी संलग्न किया गया है, जिसमें कथित रूप से स्कूल प्रबंधन की लिखावट में कई रोल नंबर दर्ज बताए जा रहे हैं। दावा किया गया है कि इनमें से कई छात्र बाद में मेरिट सूची में शामिल हुए।
“नवीं और 11वीं में फेल छात्र बन गए टॉपर”
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि कुछ छात्र पहले नवीं और 11वीं की परीक्षाओं में असफल हो चुके थे, लेकिन बाद में अचानक टॉपर बन गए। इसे संदिग्ध बताते हुए पूरे रिजल्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
इन बिंदुओं पर मांगी गई जांच
शिकायतकर्ता ने कई तकनीकी और प्रशासनिक स्तर की जांच कराने की मांग उठाई है, जिनमें शामिल हैं—
परीक्षा कॉपियों की हैंडराइटिंग का मिलान
छात्रों की पुरानी कॉपियों और बोर्ड कॉपियों की तुलना
कथित “वीआईपी रोल नंबर” वाले कागज की लिखावट की जांच
परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल
ओएमआर शीट की वास्तविक और डुप्लीकेट संख्या की जांच
परीक्षा कक्षों में कॉपी क्रमांक और हस्ताक्षरों का मिलान
टॉपर छात्रों का विषय विशेषज्ञों की निगरानी में बौद्धिक परीक्षण
डीआईओएस बोले- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
बरेली के डीआईओएस अजीत कुमार ने कहा कि अभी उनके पास औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। शिकायत प्राप्त होने और उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने पर नियमानुसार जांच कराई जाएगी।
सीतापुर से भी उठी जांच की मांग
सीतापुर निवासी आनंद कुमार ने भी इसी प्रकार की शिकायत की जिसमें बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज महमूदाबाद, सीता इंटर कॉलेज महमूदाबाद के विद्यालयों की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि एक ही प्रबंध समिति के कई स्कूल होने और स्वकेंद्र व्यवस्था के कारण गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कई इंटर कॉलेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया साजिश
सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज के प्रबंधक मंगू लाल गुप्ता ने सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि छात्रों ने कठिन मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर सफलता हासिल की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता विद्यालय की तरक्की से परेशान है और स्कूल को बदनाम करने की साजिश कर रहा है। प्रबंधक के मुताबिक हाल ही में स्कूल के पीछे जमीन खरीदी गई थी, जिसका शिकायतकर्ता विरोध कर रहा था। उन्होंने रंगदारी मांगने तक का आरोप लगाया।
“मेहनत का अपमान कर रहे हैं लोग”
प्रबंधक मंगू लाल गुप्ता ने कहा कि टॉपर बनना कोई तुक्का या जुगाड़ नहीं होता। स्कूल में लंबे समय से अच्छी पढ़ाई कराई जा रही है और छात्र कठिन परिश्रम करते हैं। झूठे आरोप लगाकर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत का अपमान किया जा रहा है।
प्रवीन कुमार सक्सेना तहसील रिपोर्टर आंवला बरेली उत्तर प्रदेश