सहारनपुर
आर्य समाज नागल के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आर्य वीरांगना शिविर का वैदिक परंपरा के साथ शुभारंभ हुआ।
आचार्य कर्मवीर आर्य ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य नारी को सशक्त, आत्मनिर्भर व संस्कारित बनाना है। वर्तमान समय में महिलाओं को अस्त्र व शास्त्र दोनों प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता है। शिविर से बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन व आध्यात्मिक चेतना का विकास होगा।
डॉ. शिवपूजन अलंकार ने कहा कि वैदिक संस्कृति व संस्कारों से जुड़कर ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। ऐसे शिविर युवा पीढ़ी में चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति व नैतिक मूल्यों के संवर्धन का कार्य करते हैं।
मुख्य अतिथि मणिकांत त्यागी ने कहा कि नागल के लिए यह गौरव का विषय है कि आर्य समाज द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार के शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बेटियों को शिविर में भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने पर अभिभावकों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि शिविर में प्रतिभागियों को जूडो-कराटे, लाठी संचालन, तलवारबाजी, योगासन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, नैतिक शिक्षा, आध्यात्मिक शिक्षा, वैदिक संस्कार, यज्ञ व संध्या का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन सोनिया आर्या व हेमंत अरोड़ा ने संयुक्त रूप से किया।ज्ञइस दौरान प्रिया, सृष्टि, पूनम, सुलेखा, विधि, नरेशना, संगीता, श्वेता आर्या, ओमवीर आर्य, राजबीर आर्य, विजयपाल आर्य, विकास आर्य, देवराज चौधरी, सीटू चौधरी, विनोद आर्य, केशव आर्य आदि रहे।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़