सहारनपुर
आज हम बात करेंगे एक ऐसे अधिकारी की, जिनकी सादगी, ओर ईमानदारी एक पहचान है, जिनको लोग अरविंद कुमार चौहान के नाम से जानते है,
भारत के प्रशासनिक अधिकारियों में कुछ ऐसे नाम होते हैं जो अपनी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के लिए विशेष पहचान बनाते हैं। ऐसे ही अधिकारियों में एक नाम है अरविन्द कुमार चौहान , जो वर्तमान में Saharanpur के जिलाधिकारी (DM) कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं।
साधारण परिवार से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
अरविंद कुमार चौहान का जन्म 10 जुलाई 1983 को उत्तर प्रदेश के बासदैव चक गांव में हुआ। एक सामान्य परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही पढ़ाई में मेहनती और अनुशासित थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया।
उन्होंने Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University से गणित विषय में B.Sc. की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा के दौरान ही उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का लक्ष्य बनाया।
कड़ी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयासों के बल पर वर्ष 2015 में उन्होंने UPSC परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए। यह उनके जीवन का वह महत्वपूर्ण क्षण था जिसने एक छोटे गांव के युवा को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचा दिया।
IAS बनने के बाद अरविंद कुमार चौहान ने उत्तर प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं शुरू कीं। अपने लगभग 11 वर्षों के प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
उन्होंने विभिन्न जिलों में Assistant Magistrate, Joint Magistrate, Chief Development Officer (CDO) तथा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में सचिव और विशेष सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
उनका सबसे लंबा कार्यकाल Prayagraj Development Authority के उपाध्यक्ष (Vice Chairman) के रूप में रहा, जहां उन्होंने लगभग तीन वर्षों तक विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद उन्होंने Shamli के जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया और मई 2026 में उन्हें सहारनपुर का जिलाधिकारी कलेक्टर नियुक्त किया गया।
जनता के बीच रहने वाले अधिकारी
अरविंद कुमार चौहान को उनकी सादगी और संवेदनशील कार्यशैली के लिए जाना जाता है। वे आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने में विश्वास रखते हैं।
शामली में उनके कार्यकाल के दौरान एक घटना काफी चर्चा में रही, जब उन्होंने एक बुजुर्ग महिला की समस्या सुनने के लिए जमीन पर घुटनों के बल बैठकर बातचीत की। यह दृश्य सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ और लोगों ने उनकी विनम्रता की सराहना की।
विकास और जनकल्याण पर विशेष ध्यान
अपने प्रशासनिक कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर), सामाजिक कल्याण योजनाओं और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी है। उनका मानना है कि प्रशासन का वास्तविक उद्देश्य जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
अरविंद कुमार चौहान की कहानी इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। देवरिया के एक छोटे से गांव से निकलकर सहारनपुर के जिलाधिकारी बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अरविंद कुमार चौहान एक ऐसे IAS अधिकारी हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, सादगी और जनसेवा के माध्यम से प्रशासनिक क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। उनकी जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो सफलता अवश्य मिलती है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़