शहजाद आलम जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर।
सरकारी योजनाओं का लाभ पाने और अपने अधिकारों को सुनिश्चित कराने के लिए एक विधवा महिला को लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामला भनवापुर विकास खंड के सिकटा गांव का है, जहां की निवासी वंदना सिंह ने परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है।
पीड़िता वंदना सिंह का कहना है कि उनके पति के निधन के बाद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होना आवश्यक है, ताकि उन्हें शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर विकासखंड कार्यालय तक कई बार आवेदन किया और संबंधित अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या आज तक जस की तस बनी हुई है।
वंदना सिंह के अनुसार, हर बार उन्हें आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन वास्तविक कार्रवाई नहीं की जाती। कभी किसी दस्तावेज की कमी बताई जाती है तो कभी फाइल लंबित होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने से उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक विधवा महिला को अपने वैधानिक अधिकार के लिए इस तरह भटकना पड़ना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके हितों की सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण जरूरतमंद लोगों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी पात्र व्यक्ति को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक जरूरतमंद विधवा महिला को अपने अधिकार के लिए कब तक सरकारी दफ्तरों की चौखट पर भटकना पड़ेगा? प्रशासन को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पीड़िता को जल्द राहत मिल सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर प्राप्त हो सके।