किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, लगभग 56 लाख रुपये मूल्य की भूमि के बदले 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत और भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में फर्जी दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर और अधिकारियों तथा बिचौलियों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
ED इस मामले में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलू की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध भुगतान से प्राप्त राशि किन लोगों तक पहुंची और उसे किस प्रकार निवेश या खर्च किया गया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
मुख्य बिंदु:
56 लाख रुपये मूल्य की भूमि पर 9.83 करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने का आरोप।
फर्जी दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर की आशंका।
ED ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
मामले में अन्य अधिकारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच जारी।
यह मामला सार्वजनिक परियोजनाओं में मुआवजा वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक जिम्मेदारों और घोटाले की कुल राशि का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।