किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर।
मानवता और परोपकार की मिसाल पेश करते हुए 12 वर्षीय एक बालिका ने अपने निधन के बाद अंगदान कर दो लोगों को नई जिंदगी देने का कार्य किया। राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की।
जानकारी के अनुसार, गंभीर बीमारी/दुर्घटना के बाद बालिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिजनों ने साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान की सहमति दी। इसके बाद उसके अंगों को जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया गया, जिससे दो लोगों को नया जीवन मिला।
अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल परिसर में मासूम को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल प्रशासन ने उसे अंतिम सम्मान देते हुए ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के इस निर्णय को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि अंगदान कई जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। बालिका की इस महान पहल ने यह संदेश दिया है कि मृत्यु के बाद भी किसी का जीवन दूसरों के लिए रोशनी बन सकता है।
अंगदान के इस प्रेरक उदाहरण की व्यापक सराहना हो रही है और लोग परिजनों के साहस व संवेदनशीलता को नमन कर रहे हैं।